Home उत्तराखंड न्यूज़ मसूरी के चिंतन शिवर में बोले मुख्यमंत्री धामी, चिंतन के साथ अब चिंता भी करनी होगी
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरदेहरादून

मसूरी के चिंतन शिवर में बोले मुख्यमंत्री धामी, चिंतन के साथ अब चिंता भी करनी होगी

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के अकादमी के सरदार पटेल सभागार में उत्तराखंड सरकार द्वारा चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, राज्य सरकार के सचिव, अनेक विभागों के अध्यक्ष सहित कई उच्च अधिकारियों ने भाग लिया। राज्य के विकास का रोडमैप तैयार करने के लिए सरकार का यह पहला चिंतन शिविर है।

उत्तराखंड राज्य को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए राज्य सरकार ने चिंतन शिविर का आयोजन किया है। यह चिंतन शिविर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के अकादमी के सरदार पटेल सभागार में हो रहा है। इस शिविर का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, राज्य सरकार के सचिव, विभागाध्यक्ष सहित तमाम उच्च अधिकारियों ने भाग लिया। राज्य को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए इसमें रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसीलिए सरकार ने इस चिंतन शिविर का आयोजन किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा चिंतन शिविर से जो अमृत निकलेगा उससे हमारा उत्तराखंड जरूर आगे बढ़ेगा। साथ ही सभी को चिंतन के साथ चिंता भी करनी होगी कि उत्तराखंड हमारा श्रेष्ठ राज्य बने। 2025 तक उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। शिविर में उत्तराखंड के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर चर्चा की जाएगी। कैसे राज्य पांच से दस सालों में आगे बढे़ इसका रोडमैप तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किस प्रकार राज्य की अर्थव्यवस्था आगे बढे़ और लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठे इसके लिए सरकार तेजी से काम कर रही। हमारे मंत्रियों और अधिकारियों का जगह-जगह प्रवास हो, दूर दराज के इलाकों में सभी लोग प्रवास कर लोगों की समस्याओं का समाधान करें। चारधाम यात्रा के अलावा भी हमें यहां आने वाले पर्यटकों के लिए और डेस्टीनेशन तैयार करने होंगे जिससे कि हमारे यहां केवल धार्मिक पर्यटक के अलावा भी और दूसरे पर्यटक के अवसर बने।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा जब उत्तराखंड नहीं बना था तब यहां के विकास का मॉडल लखनऊ में बनकर तैयार होता था और वहीं से योजनाएं बनती थी, लेकिन अब केवल देहरादून में रहकर योजनाएं नहीं बने बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र में बने और इसके लिए सबकी जवाबदेही तय हो। उन्होंने कहा कि जो मूल्याकंन हो इस बात पर हो कि कितने रिजल्ट निकले हैं, कितना किसने परफॉर्म किया, किसने अच्छा कार्य किया और किसने आउटपुट दिया। इन सब बातों पर जोर दिया जाना चाहिए।

राज्य के कई अधिकारी इस चिंतन शिविर में अपनी अपनी बात रखेंगे और कैसे उत्तराखंड को 2025 तक देश का एक अग्रणी राज्य बने इस बारे में एक रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे और इन मुद्दों पर चर्चा भी करेंगे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, जुबिन नौटियाल के पिता हैं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष

उत्तराखंड की राजनीति में सोमवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। देहरादून...

उत्तराखंड में अगले चार महीने में 2000 पदों पर भर्ती की तैयारी, UKSSSC का परीक्षा कैलेंडर जारी

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण...