मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को उत्तराखंड की पहली ई-कलेक्ट्रेट प्रणाली देहरादून का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री आवास में इसकी शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि समय की मांग के अनुसार तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग जरूरी है। ई-कलेक्ट्रेट प्रणाली से लोगों को सुविधा तो होगी ही साथ ही समय कि बचत भी होगी और अनावश्यक कार्यालयों की भागदौड़ भी नहीं करनी पड़ेगी। ई-ऑफिस प्रणाली से कार्यों में और पारदर्शिता आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य विभागों में भी ई-ऑफिस प्रणाली शुरू करने के लिए प्रयास किए जाए। उन्होंने निर्धारित समयावधि से एक सप्ताह पूर्व ही ई-कलेक्ट्रेट प्रणाली का शुभारंभ करवाने पर जिला प्रशासन को बधाई दी।
जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ई-कलेक्ट्रेट प्रणाली का शुभारंभ स्मार्ट सिटी देहरादून, आईटीडीए एवं एनआईसी के सहयोग से किया गया। इसके तहत कलेक्ट्रेट के सभी अनुभाग इस प्रणाली से जोड़े गए हैं। अब कलेक्ट्रेट के सभी अनुभागों में इस प्रणाली के माध्यम से कार्य किए जाएंगे। राजस्व विभाग के फील्ड कर्मी भी इसी प्रणाली से कार्य करेंगे। इससे कार्य में पारदर्शिता के साथ ही अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक की निर्धारित समयावधि में काम पूरा करने की जिम्मदारी तय रहेगी। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि ई-ऑफिस प्रणाली के दूसरे चरण में तहसील एवं विकासखंड में कार्य किए जाएंगे। उसके बाद इलेक्शन ऑफिस एवं पंचस्थानी चुनाव के ऑफिस को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
देहरादून के डीएम आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक, ‘हमने इस प्रणाली को लागू करने की तैयारी पूरी कर रखी थी। कर्मचारी नए कंप्यूटर सिस्टम, स्कैनर और इंटरनेट सुविधा से लैस हैं ताकि पेपरलेस काम सुगमता से हो सके। हालांकि पुरानी फाइलों को मैनुअली ही देखा जाएगा। लेकिन नई फाइलें पूरी तरह डिजिटल होंगी। इसके लिए जिला प्रशासन के सभी कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है। ई-गवर्नेंस की प्रक्रिया को आगे ले जाने के साथ ही यह सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने में भी मदद करेगा।’
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त, कमिश्नर गढ़वाल रविनाथ रमन, निदेशक आइटीडीए अमित सिन्हा, सीईओ स्मार्ट सिटी रणवीर सिंह चौहान, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, एडीएम प्रशासन अरविंद पांडेय मौजूद थे।


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