विश्व पर्यावरण दिवस और अपने 54वें जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधरोपण कर प्रदेशवासियों से भी अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और मातृत्व दोनों को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। मां जीवन देती है और वृक्ष जीवन को संरक्षित रखते हैं। ऐसे में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधरोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय चेतना का एक जनआंदोलन है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे केवल पौधे लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी न समझें, बल्कि उन्हें परिवार के सदस्य की तरह संरक्षित भी करें।
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर पौधरोपण करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने के लिए पिछले वर्षों में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। राज्य में वन क्षेत्र और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान का लक्ष्य जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है। वृक्ष न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की अवधारणा देशव्यापी स्तर पर भी व्यापक समर्थन प्राप्त कर चुकी है। इसका उद्देश्य लोगों को अपनी मां और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देना है। यह अभियान भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनसहभागिता से जोड़ता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह जन्मदिन उत्सव केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला अवसर बन गया। उनके इस हरित संकल्प ने यह स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान न केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।








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