Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ सीएम धामी ने कांवड़ियों के पैर धोये, फूल माला पहनाकर किया उनका स्वागत
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरहरिद्वार

सीएम धामी ने कांवड़ियों के पैर धोये, फूल माला पहनाकर किया उनका स्वागत

अब कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ लगने लगी है। इसी अवसर पर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में डामकोठी के निकट गंगा घाट पर शिव भक्तों का स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ यात्रा में देवभूमि उत्तराखंड आये शिव भक्तों के चरण धोकर एवं गंगाजली देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डामकोठी में वृक्षारोपण भी किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आये शिव भक्तों में भगवान शिव का अंश दिखता है। उन्होंने कहा कि कांवड़ की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चले, इसके लिए सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा के लिए पहली बार अलग से बजट की व्यवस्था की गई। सभी कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धालुओं को राज्य में कोई भी परेशानी न हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, शासन एवं जिला प्रशासन के कार्यों की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम एवं कांवड़ में रिकॉर्ड श्रद्धालु आ रहे हैं। अभी तक 27 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालु चारधाम दर्शन के लिए आ चुके हैं। आज 28 लाख से अधिक कांवड़ यात्री देवभूमि उत्तराखंड में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना न करने पड़े, इसके लिए उच्च स्तर पर एक वाट्सप ग्रुप भी बनाया गया है, इस ग्रुप के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है, मुख्यमंत्री स्वयं इस ग्रुप से जुड़े हैं।

इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, डीआईजी गढ़वाल के.एस. नगन्याल, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, एस.एस.पी डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन एवं शिवभक्त मौजूद थे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...