उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए बच्चों को बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए उन पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। बच्चे अपने बौद्धिक एवं शारीरिक विकास तथा अपनी क्षमता के अनुरूप परिणाम देने में सक्षम हैं। इससे अतिरिक्त परिणाम देने के लिए उन पर दबाव बनाकर हम उनके साथ अन्याय करते हैं। अक्सर इससे बच्चे अवसाद में चले जाते हैं। अच्छा करने के लिए उनके मन में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव उत्पन्न करना आवश्यक है। दबाव बनाकर या शॉर्टकट का रास्ता अपनाकर बच्चों को सफलता की ओर अग्रसर करने का प्रयास उनके लिए घातक हो सकता है। अभिभावकों को बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के विकास के लिए कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय यूपी सैनिक स्कूल में माध्यमिक तथा बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘बच्चों को ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पुस्तक के वितरण, 1698 मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान एवं टैबलेट वितरण’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निपुण भारत मिशन के अन्तर्गत आधुनिक कंट्रोल रूम ‘विद्या समीक्षा केन्द्र’ का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में विद्या समीक्षा केन्द्र पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का वर्चुअल माध्यम से प्रसारण किया गया, जिसे मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित लोगां ने सुना। मुख्यमंत्री ने 5 विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री द्वारा लिखित ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पुस्तक प्रदान की। उन्हांने 8 मेधावी विद्यार्थियों को 1 लाख रुपये का चेक, टैबलेट तथा सम्मान पत्र प्रदान किया। शिक्षा विभाग द्वारा लगाये गये विभिन्न स्टॉलां का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां प्रदेश के मेधावी छात्रों का अलंकरण समारोह आयोजित किया गया है। ऐसे ही कार्यक्रम प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित किये जा रहे हैं। वर्ष 2021-22 में हाईस्कूल तथा इण्टरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को आज टैबलेट तथा आवश्यक धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। हम देश के पहले सैनिक स्कूल में इस कार्यक्रम के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले सभी मेधावी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में कुल 1698 छात्र-छात्राओं को आज सम्मानित किया जा रहा है। उन्हें धनराशि, टैबलेट तथा प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। यह प्रसन्नता का विषय है कि 1698 छात्र-छात्राओं में 873 बालिकाएं तथा 825 बालक हैं। बालिकाओं के मन में रचनात्मकता और कुछ कर गुजरने की भावना विभिन्न बोर्डों की परीक्षाओं में देखने को मिल रही है। डिग्री कोर्सेज में भी इस सम्बन्ध में अच्छी संख्या देखने को मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एग्जाम वॉरियर्स पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक तथा आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ के माध्यम से प्राप्त होने वाला प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन बोर्ड परीक्षा देने वाले सभी छात्र-छात्राआें के साथ ही उन विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी है, जिन्हें भविष्य में कोई परीक्षा देनी है। बहुत से बच्चे दबाव में आकर गलत कदम उठा लेते हैं। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए।


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