हिंदू नव संवत 2077 की पहली तिथि को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का पहला चरण संपन्न कर दिया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘रामलला’ की मूर्ति को मानस भवन के पास एक अस्थायी ढांचे में स्थानांतरित किया। रामलला के लिए खास चांदी का सिंहासन बनाया गया है।
रामलला का नया सिंहासन साढ़े 9 किलो चांदी से बनवाकर अयोध्या राज परिवार के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित कर दिया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि भगवान राम के नए आसन का पूजन भी किया गया। ब्रह्मबेला में रामलला को नए भवन में प्रतिष्ठित करने से पहले विधिपूर्वक पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।
दोनों पालियों में मिलाकर करीब 10 घंटे तक अनुष्ठान चलता रहा। पुन: ब्रह्म मुहूर्त में ही भगवान का जागरण कराकर उनका श्रृंगार कर उन्हें नए भवन में ले जाकर नए आसन पर प्रतिष्ठित कर मंगला आरती की गई।
अयोध्या करती है आह्वान…
भव्य राम मंदिर के निर्माण का पहला चरण आज सम्पन्न हुआ, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम त्रिपाल से नए आसन पर विराजमान…
मानस भवन के पास एक अस्थायी ढांचे में 'रामलला' की मूर्ति को स्थानांतरित किया।
भव्य मंदिर के निर्माण हेतु ₹11 लाख का चेक भेंट किया। pic.twitter.com/PWiAX8BQRR
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 25, 2020
रामलला को नए स्थान पर विराजमान करने की जानकारी देते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, ‘अयोध्या करती है आह्वान… भव्य राम मंदिर के निर्माण का पहला चरण आज सम्पन्न हुआ, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम त्रिपाल से नए आसन पर विराजमान… मानस भवन के पास एक अस्थायी ढांचे में ‘रामलला’ की मूर्ति को स्थानांतरित किया। भव्य मंदिर के निर्माण हेतु ₹11 लाख का चेक भेंट किया।’


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