स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति के रंग में रंगे गोरखपुर में सोमवार को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथों में तिरंगा लेकर इस यात्रा का नेतृत्व किया। उनके साथ गोरखपुर के सांसद रवि किशन और कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान सड़कों पर देशभक्ति के गीत गूंजते रहे और पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति से सराबोर नजर आया।
यह तिरंगा यात्रा भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का हिस्सा रही। भाजपा ने 9 से 17 अगस्त तक प्रदेशभर में तिरंगा यात्राओं के आयोजन का निर्णय लिया है। इसी क्रम में लखनऊ के बाद गोरखपुर में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के साथ सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद के सड़क पर तिरंगा लेकर चलने से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
क्रांतिकारियों के सम्मान का संदेश
तिरंगा यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के वीर क्रांतिकारियों को याद किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश के अमर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के समय कई स्वतंत्रता सेनानियों को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि आज देश के क्रांतिकारियों को सम्मान देने और उनके बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में बिना किसी पार्टी का नाम लिए नेहरू-गांधी परिवार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले एक ही परिवार के नाम पर संस्थाओं और योजनाओं के नाम रखे जाते थे, जबकि आज स्वतंत्रता संग्राम के अनेक नायकों को सम्मान देने पर जोर दिया जा रहा है। उनके मुताबिक तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलना नहीं, बल्कि उन वीरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना भी है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
काकोरी कांड का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में काकोरी कांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन से जुड़ी काकोरी की घटना को अंग्रेजों ने ‘डकैती’ बताया था। उन्होंने इसे क्रांतिकारियों के योगदान को कम करके आंकने वाला दृष्टिकोण बताया। मुख्यमंत्री ने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र सिंह लाहिड़ी समेत अनेक क्रांतिकारियों को नमन किया।
सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सम्मान करना स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराएं और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करें।
पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी संस्थानों, उद्योगों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने प्रदेशवासियों से तिरंगा यात्रा में भाग लेने, तिरंगा अपने घर ले जाने और ‘सेल्फी विद तिरंगा’ के माध्यम से सोशल मीडिया पर देशभक्ति का संदेश साझा करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गौरव की भावना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
गोरखपुर में आयोजित इस तिरंगा यात्रा ने स्वतंत्रता दिवस से पहले शहर में राष्ट्रभक्ति का माहौल बनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से खास बना दिया। यात्रा के जरिए सरकार और भाजपा ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने तथा स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को याद करने का संदेश दिया।








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