Friday , 4 September 2026
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विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस, चुनाव लड़ने के इच्छुक जिला व महानगर अध्यक्षों को पद छोड़ने के निर्देश

बुधवार को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचीं प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने देहरादून स्थित बीजापुर गेस्ट हाउस में पार्टी के जिला और महानगर अध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की वर्तमान स्थिति, पिछले छह महीनों में किए गए कार्यों की समीक्षा तथा आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना था।

बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों और महानगरों के अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत किए गए कार्यों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। साथ ही आगामी तीन महीनों के लिए तैयार किए गए रोडमैप को भी साझा किया गया। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं और गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाएगी और संगठनात्मक प्रदर्शन के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।

कुमारी सैलजा ने बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आगामी चुनावों में प्रभावी प्रदर्शन के लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना होगा। पार्टी की नीतियों और विचारधारा को गांव-गांव तथा बूथ स्तर तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनहित के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने के निर्देश भी दिए।

प्रदेश प्रभारी ने कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि संगठन की मजबूती तभी संभव है जब सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चला जाए। उन्होंने जिला और महानगर अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन के प्रत्येक स्तर पर संवाद और समन्वय बनाए रखें।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण संदेश चुनाव लड़ने के इच्छुक पदाधिकारियों को लेकर रहा। कुमारी सैलजा ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिला और महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी केवल किसी एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्हें अपने जिले अथवा महानगर के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करना होता है। ऐसे में यदि कोई अध्यक्ष स्वयं विधानसभा चुनाव लड़ने का इच्छुक है तो उसे पहले संगठनात्मक पद छोड़ना होगा और उसके बाद ही चुनावी तैयारी करनी चाहिए।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस निर्देश का उद्देश्य संगठनात्मक निष्पक्षता बनाए रखना और सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से संगठन को मजबूत करना है। इससे उन नेताओं के सामने स्थिति स्पष्ट हो जाएगी जो वर्तमान में संगठनात्मक पद पर रहते हुए चुनावी दावेदारी की तैयारी कर रहे हैं।

बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी ने पार्टी के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ भी अलग से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कुछ संगठनों की निष्क्रियता पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी के सभी विभागों, प्रकोष्ठों और फ्रंटल संगठनों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का कोई भी कार्यक्रम केवल मुख्य संगठन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सभी अनुषांगिक संगठनों को समान रूप से जिम्मेदारी लेते हुए जनता के बीच सक्रिय रहना होगा। उन्होंने पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निष्क्रियता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और संगठनात्मक जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की जिला अध्यक्ष चुनाव समिति के समन्वयक प्रभारी चिल्ला वामशी चंद्र रेड्डी, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मनोज यादव सहित प्रदेश के 25 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष मौजूद रहे। बैठक में संगठन विस्तार, कार्यकर्ता प्रशिक्षण, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

प्रदेश प्रभारी के स्पष्ट निर्देशों के बाद अब कांग्रेस संगठन में नई सक्रियता देखने को मिल सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी संगठन को मजबूत करने और नेतृत्व की भूमिकाओं को स्पष्ट करने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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Hill Mail

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