राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केसी, ने आज राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत और डीआरडीओ के सचिव डॉ. सतीश रेड्डी के साथ राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया अभ्यास का उद्घाटन किया।
राष्ट्रीय साइबर अभ्यास (एनसीएक्स) इंडिया का आयोजन 18 से 29 अप्रैल 2022 तक एक हाइब्रिड अभ्यास के रूप में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सरकार और महत्वपूर्ण क्षेत्र के संगठनों और एजेंसियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा तकनीकी कर्मियों को समकालीन साइबर खतरों एवं साइबर घटनाओं व प्रतिक्रिया के प्रबंधन पर प्रशिक्षण देना है।
कार्यक्रम का संचालन, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस), भारत सरकार द्वारा ज्ञान भागीदार के रूप में भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद (डीएससीआई) के सहयोग से तथा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के समर्थन से किया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए प्लेटफार्म साइबरएक्सर टेक्नोलॉजीज द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जो एस्तोनिया की साइबर सुरक्षा कंपनी है और इसे विश्व स्तर पर कई बड़े साइबर अभ्यास आयोजित करने की मान्यता मिली हुई है।
प्रशिक्षण सत्र, लाइव फायर और सामरिक अभ्यास के माध्यम से 140 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रमुख साइबर सुरक्षा क्षेत्रों जैसे घुसपैठ का पता लगाने की तकनीक, वायरस (मैलवेयर) सूचना साझाकरण प्लेटफॉर्म (एमआईएसपी), जोखिम प्रबंधन और प्रवेश परीक्षण, नेटवर्क प्रोटोकॉल और डेटा प्रवाह, डिजिटल फोरेंसिक, आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केसी, ने अपने मुख्य भाषण में देश में चल रही डिजिटल क्रांति और सरकार द्वारा बड़ी संख्या में डिजिटल सेवाओं के शुभारंभ विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि साइबर सुरक्षा किसी भी सफल डिजिटल बदलाव की आधारशिला है। साइबर दुनिया में कोई भी खतरा सीधे तौर पर हमारी सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है और इसलिए हमें अपने साइबर दुनिया की सुरक्षा करने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत ने भारत की साइबर दुनिया के महत्व और इसे नागरिकों, व्यवसायों तथा सरकारों के लिए सुरक्षित रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने पूरे विश्व में और हमारे देश में फिरौती के वायरस (रैंसमवेयर) की घटनाओं और आपूर्ति श्रृंखला पर हमलों की वृद्धि के बारे में बात की और इन हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सभी संगठनों के बीच तालमेल हासिल करने के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने ऑयल इंडिया लिमिटेड पर हाल के रैंसमवेयर हमले और वैश्विक परिदृश्य में साइबर युद्ध के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
भारत सरकार, साइबर सुरक्षा में क्षमता निर्माण और कौशल बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है।



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