जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को सिटी कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि संतला देवी मंदिर के आसपास नदी के बीच कुछ लोग तेज बहाव के कारण फंस गए हैं। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा था और स्वयं बाहर निकलना उनके लिए संभव नहीं था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूचना तत्काल फायर स्टेशन देहरादून और एसडीआरएफ को भेजी गई।
सूचना मिलते ही फायर स्टेशन देहरादून की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई। अभियान में ड्राइवर आकाश चौधरी, फायरमैन विनोद, भूपेंद्र, महिला फायरमैन अंजलि और शालिनी शामिल रहे। मौके पर पहुंचकर फायर सर्विस और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
रेस्क्यू टीम ने नदी के तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सूझबूझ और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। मल्टी-पर्पज रोप, थ्रो बैग और अन्य आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का उपयोग करते हुए जवान नदी के बीच फंसे लोगों तक पहुंचे। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए एक-एक कर सभी सात लोगों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला गया। पूरे अभियान के दौरान टीम ने अत्यंत सावधानी बरती, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
रेस्क्यू किए गए लोगों की पहचान सुशील (26 वर्ष), मुकेश (35 वर्ष), प्रेम कुमार (27 वर्ष), रोशन गुप्ता (32 वर्ष), राजेश (30 वर्ष), पवन (25 वर्ष) और सूरज (30 वर्ष) के रूप में हुई। इनमें अधिकांश लोग देहरादून के सीमा द्वार और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। सभी को सुरक्षित निकालने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
रेस्क्यू अभियान के दौरान सीओ मसूरी, थाना कैंट की पुलिस टीम और संबंधित पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया, जिससे अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।
बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों, गदेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचें। विशेष रूप से पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की चेतावनियों का पालन करने और जोखिम भरे स्थानों पर न जाने का आग्रह किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान सभी आपदा राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अधिकारियों ने लोगों से यह भी अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष, पुलिस या फायर सर्विस को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
संतला देवी के पास चलाया गया यह सफल संयुक्त रेस्क्यू अभियान एक बार फिर साबित करता है कि आपदा की घड़ी में फायर सर्विस और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई कई अनमोल जिंदगियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान लापरवाही न बरतें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।


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