राजधानी देहरादून के तिब्बती मार्केट क्षेत्र में ठेली हटाने की कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद का मामला अब जांच के दायरे में आ गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे ने मामले का संज्ञान लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल ने पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, तिब्बती मार्केट के पास नगर निगम द्वारा घोषित नो वेंडिंग जोन में ट्रैफिक पुलिस द्वारा अतिक्रमण हटाने और ठेलियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों और एक ट्रैफिक दरोगा के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति स्वयं को अधिवक्ता बताते हुए ट्रैफिक दरोगा से बातचीत करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह आरोप लगाता है कि कार्रवाई के दौरान एक बुजुर्ग ठेली संचालक के साथ मारपीट की गई। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वीडियो के तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल की परिस्थितियों सहित सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में पुलिसकर्मी द्वारा अनुचित व्यवहार या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी (सीओ) ट्रैफिक जगदीश पंत ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच आवश्यक है। यदि दरोगा के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीओ ट्रैफिक ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर कार्रवाई की जा रही थी, उसे नगर निगम द्वारा पहले से नो वेंडिंग जोन घोषित किया गया है। ऐसे क्षेत्रों में ठेली, फेरी या अन्य अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति नहीं होती। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से समय-समय पर इस तरह के अभियान चलाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए नो वेंडिंग जोन में नियमों के पालन को आवश्यक बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग वायरल वीडियो के आधार पर बुजुर्ग ठेली संचालक के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे अपुष्ट दावों या वीडियो के आधार पर अफवाहें न फैलाएं। अधिकारियों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और यदि किसी भी पक्ष की ओर से नियमों का उल्लंघन हुआ होगा तो उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और कार्रवाई के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। पुलिस विभाग का कहना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जांच पूरी कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।








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