राजधानी देहरादून में रविवार को हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। कुछ ही घंटों की बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे गंभीर हालात सहस्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर देखने को मिले, जहां बारिश का पानी बड़ी मात्रा में सड़क पर आ गया और तेज बहाव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। कुछ दोपहिया वाहन चालक तो बहाव की चपेट में आने लगे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार शाम करीब चार बजे बारिश का पानी आईटी पार्क परिसर से सड़क पर तेजी से बहने लगा। कुछ ही मिनटों में सड़क नदी जैसी दिखाई देने लगी। तेज बहाव के कारण कारों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। कई बाइक सवार संतुलन खो बैठे, जिन्हें आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। घटना के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव की समस्या नई नहीं है। हर मानसून में यहां ड्रेनेज सिस्टम जवाब दे देता है और बारिश का पानी सीधे सड़क पर भर जाता है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
क्षेत्र के पार्षद संजीत बंसल ने बताया कि इस समस्या को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि हर वर्ष मानसून में यही स्थिति दोहराई जाती है, जिससे स्थानीय निवासियों और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
केवल आईटी पार्क ही नहीं, बल्कि शहर के कई अन्य इलाकों में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। नगर निगम के आपदा नियंत्रण कक्ष को बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के पास, माता मंदिर रोड, सहारनपुर चौक, डालनवाला, झंडा हल्ला, राजेश्वर नगर फेस-2, सहस्रधारा रोड से सटी डंपिंग साइट, पलटन बाजार, दिलाराम चौक, रायपुर रोड और दून अस्पताल के आसपास जलभराव की कई शिकायतें प्राप्त हुईं। कई स्थानों पर जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने के कारण सड़कों पर घंटों तक पानी भरा रहा।
बारिश से उत्पन्न हालात को देखते हुए पूर्व विधायक राजकुमार ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान से मुलाकात कर शहर के प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य तेज करने की मांग की। उन्होंने रिस्पना क्षेत्र, प्रिंस चौक, गांधी रोड, डीएल रोड, आर्यनगर और पलटन बाजार समेत विभिन्न इलाकों में जलभराव, सड़क धंसने, जल निकासी बाधित होने और मकानों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद निखिल कुमार के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा कर नगर निगम की आपदा प्रबंधन टीम से जल निकासी कार्य भी शुरू कराया।
इस बीच मौसम विभाग ने भी पिछले 24 घंटे में देहरादून में अच्छी बारिश दर्ज की है। विभाग के अनुसार, हाथीबड़कला क्षेत्र में सबसे अधिक 75.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, देहरादून शहर में 51.5 मिलीमीटर और मालदेवता में 49.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और तेज बहाव वाले स्थानों को पार करने का प्रयास न करें। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन, नगर निगम या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की सलाह दी गई है।
रविवार की बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राजधानी में हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जल निकासी व्यवस्था क्यों सुधर नहीं पा रही है। मानसून अभी जारी है और यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में शहरवासियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।








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