लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार यह एलिवेटेड रोड रायपुर क्षेत्र से शुरू होकर सौंग नदी के किनारे-किनारे लच्छीवाला होते हुए भानियावाला के पास हरिद्वार-देहरादून फ्लाईओवर से जुड़ेगी। इस नई सड़क का उद्देश्य शहर के भीतर वाहनों की भीड़ को कम करना और बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है।
वर्तमान में देहरादून में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषकर रायपुर, डोईवाला, जौलीग्रांट, रानीपोखरी और ऋषिकेश की ओर से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश के दौरान लंबी जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। नई एलिवेटेड रोड बनने के बाद इन क्षेत्रों से आने वाले वाहन सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर दबाव कम होगा।
इस परियोजना का एक बड़ा लाभ जौलीग्रांट एयरपोर्ट और महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम को मिलेगा। वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए शहर के व्यस्त मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे यात्रियों को समय की समस्या का सामना करना पड़ता है। नई सड़क बनने के बाद एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। साथ ही रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और प्रस्तावित प्रशासनिक केंद्र तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।
दरअसल, राज्य सरकार लंबे समय से रायपुर क्षेत्र में एडमिन सिटी विकसित करने की योजना पर विचार कर रही है। प्रस्तावित एडमिन सिटी में सचिवालय, विधानसभा और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को स्थापित करने की योजना है। इसी दृष्टि से रायपुर को शहर और एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए इस एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यदि भविष्य में एडमिन सिटी परियोजना साकार होती है तो यह सड़क उसकी रीढ़ साबित हो सकती है।
सरकार पहले रायपुर और जौलीग्रांट के बीच बेहतर संपर्क के लिए थानों रोड के चौड़ीकरण की योजना पर काम कर रही थी। हालांकि बीच में वन भूमि और पर्यावरणीय स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दों के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में अब सौंग नदी के किनारे नई एलिवेटेड रोड का विकल्प सामने आया है, जिसे अधिक व्यावहारिक माना जा रहा है।
इस परियोजना से केवल ट्रैफिक व्यवस्था ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी नई गति मिलेगी। रायपुर, बालावाला, नकरौंदा, गूलरघाटी, रानीपोखरी और डोईवाला जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। अनुमान है कि लगभग एक लाख से अधिक आबादी को इस सड़क परियोजना का प्रत्यक्ष फायदा पहुंचेगा।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा के अनुसार रायपुर से लच्छीवाला तक एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना को आगे बढ़ाने के लिए पहले चरण में सर्वे और डीपीआर के लिए बजट स्वीकृत किया गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की लागत, डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना देहरादून की ट्रैफिक समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है।
यदि यह महत्वाकांक्षी परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी होती है तो देहरादून को न केवल जाम की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि राजधानी के विकास और आधुनिक यातायात ढांचे को भी नई दिशा मिलेगी।


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