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दिल्ली अब और नज़दीक! दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का एलिवेटेड हिस्सा खुला

दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का सबसे अहम एलिवेटेड हिस्सा आधी रात से ट्रायल के लिए खोल दिया गया है। इसके खुलने से खेकरा से दिल्ली के अक्षरधाम तक सफर पहले से तेज़ और आसान होगा। अब दिल्ली से 32 किमी का रास्ता मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। जल्द ही यह सड़क सहारनपुर तक भी जुड़ जाएगी, जिससे यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी।

अगर आप दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर या देहरादून के बीच रोज़ सफर करते हैं — तो आज की ये खबर आपकी ज़िंदगी वाकई आसान करने वाली है।
क्योंकि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का एक बेहद अहम एलिवेटेड हिस्सा आधी रात से ट्रायल के लिए खोल दिया गया है। लोग पिछले एक साल से इस सड़क के इंतज़ार में थे, और अब आख़िरकार खेकरा में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर दिल्ली के अक्षरधाम तक गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई है।
इस ट्रायल ओपनिंग के साथ ही दिल्ली से लगने वाला 32 किलोमीटर का सफर अब पहले से कई गुना तेज़ हो गया है। जहाँ पहले जाम और भारी ट्रैफिक के कारण लोगों को वज़ह ज़्यादा समय लगता था, वहीं अब कुछ ही मिनटों में वाहनों को दिल्ली की मुख्य सड़कों तक एंट्री मिल रही है।
 एक्सप्रेसवे अधिकारियों के अनुसार, यह एलिवेटेड हिस्सा तीन बार इंस्पेक्शन के बाद खोला गया। रात 12 बजे जैसे ही बैरिकेड्स हटे, वाहनों ने पहली बार इस सुपर-स्मूथ लेन पर प्रवेश किया। सुबह होते-होते यह सड़क पूरी तरह चालू नज़र आई और स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया।

सहारनपुर तक कनेक्टिविटी जल्द

 

अभी सिर्फ खेकरा का भाग खुला है, लेकिन इसमें सबसे बड़ा अपडेट यह है कि ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से सहारनपुर तक का सेक्शन भी तेज़ी से तैयार हो रहा है।
उम्मीद है कि फरवरी 2025 तक यह हिस्सा भी ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।
जब यह पूरी तरह जुड़ जाएगा, तो
•दिल्ली से सहारनपुर
•दिल्ली से देहरादून
•दिल्ली से हरिद्वार
का सफर घंटों नहीं, मिनटों में कम हो जाएगा।
मौजूदा निर्माण योजना के अनुसार, पूरा एलिवेटेड कॉरिडोर दिसंबर 2024 तक तैयार होना है। सड़क की कुल लंबाई 1323 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि यह न सिर्फ उत्तर भारत की सबसे तेज़ कनेक्टिविटी वाली सड़कों में शामिल होगी, बल्कि भविष्य में यह पहाड़ी क्षेत्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर साबित होगी।
राहत क्यों बड़ी है?
इस रूट पर रोज़ सफर करने वाले लोगों को सबसे ज़्यादा परेशानी थी—
•जगह-जगह ट्रैफिक
•क्रॉसिंग पर भारी भीड़
•धीमी गति से चलने वाला ट्रक लोड
•और लंबे समय तक जाम
लेकिन एलिवेटेड हाइवे पर न कोई क्रॉसिंग है, न सिग्नल, और न रुकावटें।
यही वजह है कि ट्रैवल टाइम अब बेहद कम हो जाएगा। दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का यह सेक्शन सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि लाखों यात्रियों के लिए राहत, स्पीड और सुविधा का नया रास्ता है।और जब फरवरी तक सहारनपुर वाला हिस्सा भी जुड़ जाएगा तो यह पूरा कॉरिडोर उत्तर भारत की यात्रा का खेल ही बदल देगा।
Written by
Hill Mail

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