मंगलवार से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू हो जाएगा, जिससे दिल्ली और दून के बीच सफर तेज और सुगम हो जाएगा। परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी के अनुसार, यह मार्ग हाई-स्पीड यात्रा के लिए तैयार किया गया है, इसलिए अनुशासन का पालन बेहद आवश्यक है।
एक्सप्रेसवे के सुचारू संचालन के लिए परिवहन विभाग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी के अनुसार, यह मार्ग हाई-स्पीड यात्रा के लिए तैयार किया गया है, इसलिए अनुशासन का पालन बेहद आवश्यक है।
यात्रियों को पहले से अपने एंट्री और एग्जिट प्वाइंट तय करने होंगे। बीच रास्ते में वाहन रोकना, यू-टर्न लेना या गलत दिशा में चलना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
निर्धारित गति सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा। उल्लंघन करने पर ई-चालान जारी किया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा लगभग 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है।
यात्रा से पहले वाहन की सर्विस, टायर और ईंधन की स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई है। कम सुविधाओं के कारण बीच रास्ते में परेशानी से बचने के लिए यह आवश्यक बताया गया है।
रात के समय वाहन चलाते हुए लो-बीम का उपयोग करना अनिवार्य होगा। एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है, जहां हॉर्न बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए चालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डाटकाली मंदिर के पास टनल क्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। देहरादून में आशारोड़ी के पास ढाल वाले मार्ग पर गति नियंत्रित रखने की हिदायत दी गई है।
सिर्फ निर्धारित एंट्री और एग्जिट प्वाइंट का ही उपयोग करने की अनुमति होगी। इलेक्ट्रॉनिक निगरानी कैमरों के जरिए पूरे मार्ग पर नजर रखी जाएगी।
आपात स्थिति को छोड़कर कहीं भी वाहन खड़ा करना पूरी तरह वर्जित रहेगा। लंबी दूरी की यात्रा के लिए चालक पर्याप्त आराम के बाद ही ड्राइविंग करें, ताकि हादसों से बचा जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन ही सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगा। इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।







