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सरोकारऊधम सिंह नगरताज़ा ख़बर

विकसित भारत एजी टेक्नोथॉन 2026: नवाचारों से सशक्त होता ग्रामीण भारत

इस कार्यक्रम में कुल 24 टीमों ने भाग लिया, जिन्होंने कृषि और ग्रामीण भारत से जुड़े विभिन्न नवाचारपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने कृषि तकनीक, सतत खेती, मूल्य संवर्धन, ग्रामीण उद्यमिता और डिजिटल कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने मॉडल और समाधान प्रस्तुत किए।

कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद 10 उत्कृष्ट टीमों का चयन किया गया, जिन्हें आगे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान रहे। उन्होंने छात्रों के अभिनव विचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हैं और भारत को कृषि नवाचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा

इस अवसर पर विश्वविद्यालय और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी (अमेरिका) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) भी हस्ताक्षरित किया गया। पर्ड्यू यूनिवर्सिटी की ओर से डॉ. गेराल्ड शिवले (एसोसिएट डीन, इंटरनेशनल प्रोग्राम) और पंतनगर विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. लोकेश वार्ष्णेय ने किया।

दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन माध्यम से हस्ताक्षर किए और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। इस सहयोग से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आयोजन में योगदान

इस सफल आयोजन में डॉ. रंजन श्रीवास्तव, डॉ. संदीप अरोड़ा, डॉ. अनीता रानी, डॉ. वी.के. सिंह, डॉ. रुचि गंगवार, डॉ. साक्षी चौहान और डॉ. अंकुर सहित आयोजन समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. साक्षी चौहान ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संकाय सदस्य, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।

‘एजी टेक्नोथॉन 2026’ न केवल एक प्रतियोगिता रहा, बल्कि यह कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच साबित हुआ। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और भविष्य के कृषि समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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