जहां देश के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में मौसम का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही हल्की बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया है। बर्फबारी के कारण जहां एक ओर तीर्थयात्री रोमांचित हैं, वहीं दूसरी ओर ठंड और फिसलनभरे रास्तों ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।
गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक हेमकुंड साहिब और यात्रा मार्ग पर हल्की बर्फबारी हुई। इसके बाद शुक्रवार दोपहर में भी बर्फ के फाहे गिरते रहे। हेमकुंड में तापमान करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से ठिठुरन बढ़ गई है। अटलाकोटी से हेमकुंड साहिब तक अंतिम दो किलोमीटर का पैदल मार्ग बर्फ जमने के कारण बेहद फिसलनभरा हो गया है।
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। घांगरिया चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह ने बताया कि बर्फबारी के बाद मार्ग पर फिसलन बढ़ गई थी, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिसकर्मी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का हाथ पकड़कर उन्हें सुरक्षित मार्ग पार करा रहे हैं। कई स्थानों पर मानव श्रृंखला बनाकर यात्रियों को आगे बढ़ने में सहायता दी जा रही है। पिछले दो दिनों से पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सेवा में जुटी हुई हैं।
हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि इस वर्ष यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने के केवल सात दिनों के भीतर ही लगभग 24 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच चुके हैं, जो एक रिकॉर्ड संख्या मानी जा रही है।
बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। पंजाब के पटियाला से आए जसप्रीत कौर और अमरजीत सिंह ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी के बीच हेमकुंड पहुंचकर बर्फबारी देखना और बर्फ से ढके पहाड़ों का नजारा बेहद सुखद अनुभव रहा। उन्होंने हेम सरोवर में स्नान कर दरबार साहिब में मत्था टेका। वहीं भटिंडा से आए सुखनाम सिंह ने कहा कि अटलाकोटी पहुंचने के बाद पैदल यात्रा की थकान मानो खत्म हो जाती है और रास्ते में जमी बर्फ इस यात्रा को और भी यादगार बना देती है।
उधर, बदरीनाथ धाम के आसपास स्थित नर-नारायण और नीलकंठ पर्वतों पर भी हिमपात हुआ है। केदारनाथ धाम में भी दोपहर बाद बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई, जिससे ठंड में बढ़ोतरी हुई है। रुद्रप्रयाग समेत कई क्षेत्रों में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। साथ ही जंगलों में लगी आग भी काफी हद तक बुझ गई है।
देवभूमि उत्तराखंड में मौसम के इस बदले हुए मिजाज ने जहां तीर्थयात्रियों की यात्रा को यादगार बना दिया है, वहीं प्रशासन भी उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहा है।








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