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डीआईजी एसएस डसीला को मिली पुडुचेरी और सेंट्रल टीएन की जिम्मेदारी

डीआईजी एसएस डसीला ने 16 फरवरी 2024 को डीआईजी वी अनबरासन से पुडुचेरी और सेंट्रल टीएन का कार्यभार ग्रहण किया। डीआईजी एसएस डसीला 06 जनवरी 1991 को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुए। उन्होंने अपनी 33 सालों की सेवा अवधि में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

डीआईजी एसएस डसीला ने 16 फरवरी 2024 को डीआइजी वी अनबरासन से पुडुचेरी और सेंट्रल टीएन का कार्यभार ग्रहण किया। डीआईजी एसएस डसीला 06 जनवरी 1991 को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुए लगभग 33 वर्षों की सेवा अवधि में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, और कई जगह उनकी स्टाफ नियुक्तियां रही। वह सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ हैं और उन्होंने यूएससीजी प्रशिक्षण केंद्र यॉर्कटाउन वर्जीनिया से अंतर्राष्ट्रीय समुद्री अधिकारी पाठ्यक्रम (आईएमओसी) प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

डीआईजी एसएस डसीला ने 16 फरवरी 2024 को डीआइजी वी अनबरासन से कार्यभार ग्रहण किया। डीआईजी एसएस डसीला 06 जनवरी 1991 को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुए लगभग 33 वर्षों की सेवा अवधि में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, और कई जगह उनकी स्टाफ नियुक्तियां रही। वह सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ हैं और उन्होंने यूएससीजी प्रशिक्षण केंद्र यॉर्कटाउन वर्जीनिया से अंतर्राष्ट्रीय समुद्री अधिकारी पाठ्यक्रम (आईएमओसी) प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रीय अंतर एजेंसी घटना प्रबंधन प्रणाली, नेतृत्व एवं प्रबंधन और विकोमा इंटरनेशनल लिमिटेड, यूके और लामोर निगम, फ़िनलैंड के साथ समुद्री प्रदूषण नियंत्रण उपकरण प्रशिक्षण लिया हैं।

उन्होंने अपनी नियुक्तियों के दौरान पांच तट रक्षक जहाज सी-06 (आईबी), नायकीदेवी (आईपीवी), रजिया सुल्ताना (एफपीवी) वरुणा (ओपीवी) और शूर (ओपीवी) की कमान संभाली है।

उनकी महत्वपूर्ण तटवर्ती नियुक्तियों में कमांडर कोस्ट गार्ड डिस्ट्रिक्ट (कर्नाटक), मुख्य कर्मचारी अधिकारी परिचालन तटरक्षक पश्चिमी समुद्री तट, क्षेत्रीय मुख्यालय (उत्तर पश्चिम) और (उत्तर पूर्व), प्रभारी अधिकारी पीआरटी (पूर्व), तटरक्षक मुख्यालय में उप निदेशक (आईटी) और एमआरसीसी के प्रभारी अधिकारी (मुंबई) शामिल है।

उन्हें श्रीलंका तट पर ऑपरेशन ऑनबार्ड एमसीएस डेनिएला में अग्निशमन के लिए वीरता हेतु तटरक्षक पदक से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2000 में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें महानिदेशक द्वारा सम्मानित किया जा चुका है वह समुद्री डाकू जहाज एमवी की धरपकड़ में सक्रिय भूमिका में शामिल थे। यह समुद्री इतिहास में समुद्री डाकुओं का पहला ज्ञात मामला था जिसे शिपमेंट के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।

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