कठिन परिस्थितियां अक्सर इंसान की असली ताकत को उजागर करती हैं, और साक्षी इसकी जीवंत उदाहरण हैं। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 94.60 प्रतिशत अंक हासिल कर मेरिट सूची में 15वीं रैंक प्राप्त करने वाली साक्षी ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी विपरीत क्यों न हों, मजबूत इरादों के आगे सब कुछ छोटा पड़ जाता है।
मालदेवता क्षेत्र के सरखेत गांव की रहने वाली साक्षी का जीवन बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा। वर्ष 2021 में आई भीषण आपदा ने उनके परिवार की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। 19 अगस्त को आई इस आपदा में उनका घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उनके खेलकूद सहित कई जरूरी सामान भी नष्ट हो गए। एक समय ऐसा भी आया जब परिवार के पास रहने के लिए अपना घर तक नहीं बचा।
इन कठिन हालातों में भी साक्षी ने हार नहीं मानी। पढ़ाई में आई बाधाओं के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटने दिया। वर्तमान में उनका परिवार केशरावाला में किराए के एक छोटे से कमरे में रह रहा है। उनके पिता महावीर सिंह एक कोचिंग सेंटर चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि उनकी मां सुषमा देवी गृहिणी हैं।
साक्षी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से प्राप्त की और सीमित संसाधनों में भी अपनी मेहनत जारी रखी। उनका मानना है कि आपदा घर तोड़ सकती है, लेकिन इंसान का हौसला नहीं।
आज साक्षी की सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनकी यह उपलब्धि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।







