Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ इक्यूबमेंट मशीन का डीएम ने किया शुभारम्भ, बागवानी को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने में करेगा मदद
उत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वाल

इक्यूबमेंट मशीन का डीएम ने किया शुभारम्भ, बागवानी को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने में करेगा मदद

पौड़ी के जिलाधिकारी डाॅ विजय कुमार जोगदण्डे ने खांडस्यूसैंण स्थित उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बागवानी को जंगली-जानवरों से सुरक्षित रखने हेतु इक्यूबमेंट (मशीन) का बटन दबाकर शुभारंभ किया। यह मशीन दिन में विभिन्न प्रकार की आवाजें तथा रात्रि समय विभिन्न प्रकार की लाइटिंग के प्रयास से जंगली-जानवरों को भगाने का कार्य करती है।

यह इक्यूबमेंट सौरचालित जिसकी लागत भी औसतन 8 हजार है तथा 2 सीजन के लिए कारगार है। जिलाधिकारी ने अवलोकन के दौरान मुख्य उद्यान अधिकारी निर्देशित किया कि इक्यूबमेंट में चलने वाली आवाज को कुछ दिनों बाद परिवर्तित करते रहें। जिससे जंगली-जानवर आवाज सुनकर बाग-बगीचों को नुकसान न पहुंचाएं। पोखड़ा विकासखंड के निवासी भाष्कर द्धिवेदी द्वारा इस मशीन का निर्माण किया गया है।

जिलाधिकारी ने सेब, कीवी सहित पाॅलिहाउस बागवानी में अन्य फलदार पेड़ों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य उद्यान अधिकारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की बेहतर गतिविधियों को विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर (कलस्टर आधारित) करें। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर नई-नई प्रकार की प्रजातियों को आजमाने का प्रसास करें। जिससे किसानों, काश्तकारों का बागवानी में बेहतर मुनाफा प्राप्त हो सके।

डाॅ विजय कुमार जोगदण्डे ने कहा कि उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बागवानी में विभिन्न प्रकार की पौधों व बीजों का उत्पादन कर तथा उसेे किसानों को वितरित किया जाता है। कहा कि मशीन में विभिन्न प्रकार की आवाजें जंगली जानवरों को भगाने के लिए संग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे उपकरणों का अन्य किसानों को भी अपने खेतों में प्रयोग करना चाहिए, जिससे उन्हें जंगली जानवरों के आतंक से निजात मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि प्रयोगिक के आधार पर इस मशीन का शुभारंभ किया गया हैै। साथ ही उन्होंने कहा कि मशीन को विभिन्न विकासखंड़ों के किसानों को वितरित किया जाएगा और बेहतर परिणाम आने पर अन्य किसानों को भी यह मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे किसानों को जंगली-जानवरों से नुकसान का भय नहीं रहेगा।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...