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चारधाम यात्रा – घोड़े-खच्चर की मृत्यु होने पर इसकी जानकारी पशुचिकित्सक अधिकारी को दी जाए

आजकल चारधाम यात्रा के दौरान घोड़े-खच्चरों की मृत्यु होने के बड़े मामले सामने आ रहे हैं इस बात को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पशुचिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।

आजकल चारधाम यात्रा के दौरान घोड़े-खच्चरों की मृत्यु होने के बड़े मामले सामने आ रहे हैं इस बात को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पशुचिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।

सोशल मीडिया के माध्यम से श्री केदारनाथ यात्रा में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों की मृत्यु होने पर उनका ठीक ढंग से दफनाने की कार्यवाही न किए जाने की सूचना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

इस आशय की जानकारी देते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत ने जनपद के समस्त घोड़ा-खच्चरों के संचालकों और स्वामियों को अवगत कराया है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों की मृत्यु होने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित-प्रसारित की जा रही है, जबकि इस संबंध में पशु चिकित्सा अधिकारियों को पूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

उन्होंने केदारनाथ यात्रा व्यवस्था 2022 में संचालित किए जाने वाले घोड़े-खच्चरों के मालिकों से अनुरोध किया है कि यदि यात्रा मार्ग में चलते समय उनके घोड़े-खच्चर की मृत्यु हो जाती है तो इस संबंध में तत्काल नजदीकी पशुचिकित्साधिकारी से संपर्क करते हुए मृत पशु के फोटो टैग सहित सूचना पशु चिकित्साधिकारी और सेक्टर अधिकारी को दें जिससे कि तत्काल उचित कार्यवाही की जा सके।

ऐसा न करने की दशा में यदि मृत पशु के बीमे से संबंधित कार्यवाही करने में कठिनाई होगी तो इसके लिए संबंधित पशुस्वामी उत्तरदायी होगा, तथा मृत पशु के निस्तारण में अनावश्यक विलंब होने के कारण बीमारी फैलने का भी भय है। उन्होंने कहा कि मृतक पशु को दफनाने की उचित कार्यवाही न करने की स्थिति में संबंधित पशु मालिक के विरुद्ध विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

जानकारों का मानना है कि पहले घोड़े खच्चरों को गरम पानी पिलाया जाता था और वह एक दिन में कई लीटर पानी पीते हैं लेकिन अब रास्तों में गरम पानी की व्यवस्था न होने के कारण घोड़े-खच्चर ठंडा पानी ही पी रहे हैं जिससे कि इनकी मृत्यु दर बढ़ रही है।

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Hill Mail

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