पुलिस के अनुसार घटना रविवार रात विस्थापित कॉलोनी की गली नंबर तीन स्थित एक मकान में हुई। घायल महिला की पहचान 63 वर्षीय ऊषा देवी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनका 32 वर्षीय बेटा सुमित गौड़ लंबे समय से नशे का आदी है। वह पहले एक होटल में काम करता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से बेरोजगार था। बेरोजगारी और नशे की लत के कारण घर में अक्सर विवाद होता रहता था।
बताया जा रहा है कि रविवार रात भी सुमित नशा कर घर पहुंचा। मां ने उसे नशा करने से मना किया और समझाने का प्रयास किया। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर सुमित ने तमंचा निकाल लिया और अपनी मां के सिर पर गोली चला दी। गोली लगते ही ऊषा देवी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।
घटना के बाद आरोपी बेटे ने खुद ही गंभीर रूप से घायल मां को अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। वह खून से लथपथ मां को लेकर एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर पहुंचा। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार महिला के सिर में गोली लगने के कारण उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।
घटना की जानकारी मिलने पर आईडीपीएल पुलिस चौकी प्रभारी विवेक राठी पुलिस टीम के साथ एम्स पहुंचे। पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सुमित गौड़ को अस्पताल से ही हिरासत में ले लिया। बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है, जिसे जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से नशे का सेवन करता था। नशे की लत के चलते उसका व्यवहार लगातार आक्रामक होता जा रहा था। पड़ोसियों के अनुसार मां-बेटे के बीच लगभग रोज किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता था। ऊषा देवी कई बार बेटे को नशा छोड़ने की सलाह देती थीं, लेकिन वह उनकी बात मानने के बजाय उल्टा झगड़ा करने लगता था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुमित अविवाहित है और अपनी मां के साथ ही रहता था। पिता की अनुपस्थिति में ऊषा देवी ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बेटे की नशे की आदत से वह काफी परेशान रहती थीं और कई बार उसे सुधारने की कोशिश भी कर चुकी थीं। हालांकि किसी ने शायद ही सोचा होगा कि यह घरेलू विवाद इतनी भयावह घटना का रूप ले लेगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके पास अवैध तमंचा कहां से आया। साथ ही उसके नशे की आदत और घटना के समय उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों को उजागर करती है। नशे की गिरफ्त में आने वाले कई युवा न केवल अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि अपने परिवारों की खुशियां भी छीन रहे हैं। ऋषिकेश की यह घटना इसी कड़वी सच्चाई की दर्दनाक मिसाल बनकर सामने आई है।




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