पहाड़ों में पलायन रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी: योगी आदित्यनाथ

पहाड़ों में पलायन रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण से ही पहाड़ों में स्थायी विकास संभव है। जब लोगों को अपने गांव में ही रोजगार, पानी और सुरक्षित पर्यावरण मिलेगा, तभी पलायन की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पहाड़ों में जल, जंगल और जमीन सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक आजीविका के अवसर भी टिकाऊ नहीं बन पाएंगे। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आमजन की सक्रिय भागीदारी से ही सफल हो सकता है।

इसी दिशा में एक अनोखी पहल करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेना के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण अभियान को नई ऊर्जा दी। उत्तराखंड में अपनी जन्मभूमि के दौरान उन्होंने पौड़ी जनपद के बिथ्याणी स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय परिसर में आम का पौधा रोपित किया।

सेना और समाज की संयुक्त पहल

इस अवसर पर भारतीय सेना की 127 गढ़वाल इन्फैंट्री बटालियन के जवानों ने “योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ कार्यक्रम को राष्ट्रभाव और उत्साह से भर दिया। स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों में इस दृश्य ने विशेष जोश और प्रेरणा का संचार किया।

127 गढ़वाल इन्फैंट्री बटालियन (ईटीएफ), जिसे गढ़वाल ग्रीनर्स के नाम से भी जाना जाता है, कर्नल प्रतुल थपलियाल के नेतृत्व में वर्ष 2023 से पौड़ी जनपद में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। यह बटालियन दो राज्य-वित्तपोषित कंपनियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और जल संरक्षण कार्यों में लगी हुई है।

लाखों पौधे, दर्जनों जल संरचनाएं

सेना और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से अब तक हर वर्ष औसतन 4 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही जल संरक्षण के लिए 9 जल तालाब और 27 जल खाइयों का निर्माण किया गया है। योजना के अनुसार वर्ष 2025 तक कुल 12 लाख पौधे रोपित किए जा चुके होंगे, जबकि 81 जल खाइयां और 27 जल तालाबों का निर्माण पूर्ण किया जाएगा।

ये प्रयास पहाड़ों में जल संकट को कम करने, मिट्टी संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिससे कृषि, पशुपालन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी सुदृढ़ हो रहे हैं।

महाविद्यालय बना पर्यावरण जागरूकता का केंद्र

127 गढ़वाल इन्फैंट्री बटालियन ने महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय, बिथ्याणी को पर्यावरण जागरूकता केंद्र के रूप में अपनाया है। यहां के छात्र-छात्राएं और स्टाफ नियमित रूप से पौधारोपण, हरियाली विस्तार, सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण अभियानों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जब शिक्षा संस्थान पर्यावरण संरक्षण से जुड़ते हैं, तो नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी विकसित होती है।

2026 में 400 हेक्टेयर भूमि पर होगा पौधारोपण

सेना की योजना के अनुसार वर्ष 2026 में विल खोल खंडी क्षेत्र में लगभग 400 हेक्टेयर भूमि पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। यह परियोजना न केवल हरित आवरण बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में जल संरक्षण, जैव विविधता और स्थानीय रोजगार सृजन में भी सहायक सिद्ध होगी।

पलायन रोकने की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण से ही पहाड़ों में स्थायी विकास संभव है। जब लोगों को अपने गांव में ही रोजगार, पानी और सुरक्षित पर्यावरण मिलेगा, तभी पलायन की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।

स्थानीय लोगों ने इस पहल को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि सेना और जनप्रतिनिधियों की ऐसी संयुक्त कोशिशें पहाड़ों के भविष्य को सुरक्षित करने में मील का पत्थर साबित होंगी।

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