Saturday , 5 September 2026
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‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले सीएम योगी, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और कहा कि भारत की अखंडता और एकता के लिए जिन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उन लौह पुरुष सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन, समर्पण और त्याग आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। आइए, इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम संकल्प लें कि जाति, भाषा, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर भारत की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाएंगे।

सरदार पटेल के आदर्शों को आचरण में लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से ही देश में उन महान सपूतों को सम्मान देने की परंपरा शुरू हुई है, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि आज पूरे देश में 600 से अधिक स्थानों पर ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना को प्रबल करने का यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा में कहा गया है कि ‘शिवो भूत्वा शिवं यजेत’, अर्थात जिसे हम पूजते हैं, उसके अनुरूप हमें स्वयं को ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी एकता और अखंडता के मूल्यों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केवड़िया (गुजरात) में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के रूप में सरदार पटेल की स्मृति को जीवंत बनाया गया है, जो आज राष्ट्रीय प्रेरणास्थली बन चुकी है।

563 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत की नींव रखी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश साजिशों को नाकाम करते हुए 563 रियासतों को भारत गणराज्य में शामिल कर अखंड भारत का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि जब हैदराबाद और जूनागढ़ की रियासतों ने भारत में विलय से इनकार किया, तब लौह पुरुष ने पहले संवाद का रास्ता अपनाया, लेकिन जब राष्ट्र की अखंडता पर संकट आया, तब उन्होंने कठोर निर्णय लेकर भारत की एकता को सुरक्षित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर अखंड भारत के उस संकल्प को साकार किया, जो सरदार पटेल ने देखा था। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उत्तर प्रदेश से केवड़िया जाएगा सांस्कृतिक दल

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश से एक सांस्कृतिक दल और हस्तशिल्पियों का प्रतिनिधिमंडल केवड़िया जाएगा। राज्यपाल महोदया के नेतृत्व में 12 नवंबर को केवड़िया में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी अभियान’ को मज़बूती देने के साथ उत्तर प्रदेश के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का यह अवसर भी है।

75 जिलों में गूंजी राष्ट्रीय एकता की भावना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आज ‘रन फॉर यूनिटी’ के कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लाखों युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।

राष्ट्रहित में करें कार्य

मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हमें उन सभी कुत्सित प्रयासों का विरोध करना चाहिए जो जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने का काम करते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का यही संदेश है कि हम सब मिलकर भारत की अखंडता को सशक्त बनाएं और सामाजिक एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करती है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल एवं विधायक गण उपस्थित रहे।

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Hill Mail

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