उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार को हरियाणा खेल विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है वह 1 मार्च को अपना पदभार ग्रहण करेंगे। अभी तक उन्होंने खाकी वर्दी पहनकर अपनी सेवाएं दीं थी और अब अशोक कुमार खेल के क्षेत्र में खिलाड़ियों को तराशने का काम करेंगे। पूर्व आईपीएस अशोक कुमार ने हरियाणा खेल विश्वविद्यालय का कुलपति बनाने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया है।
अशोक कुमार 1989 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और साल 2000 में उत्तराखंड राज्य का गठन होने पर वह वहां चले गए। उन्होंने करीब 34 सालों तक खाकी वर्दी पहनकर देश की सेवा की। पिछले साल 30 नवंबर 2023 को अशोक कुमार उत्तराखंड के डीजीपी पद से रिटायर हुए थे। इससे पहले साल 2020 में आईपीएस अशोक कुमार ने बतौर उत्तराखंड डीजीपी की कमान संभाली थी। उस वक्त पूरे विश्व में कोरोना महामारी का प्रकोप चल रहा था।
डीजीपी रहते हुए अशोक कुमार ने उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर कई अहम काम किए हैं। साथ ही उन्होंने आम जनता की समस्याओं को दूर करने का भी प्रयास किया। उन्होंने पुलिस की छवि बेहतर बनाने में एक अहम भूमिका निभाई है। यही वजह है कि उनकी छवि बेहतर पुलिसिंग के जानी जाती रही है। उनके कार्यकाल के दौरान हरिद्वार महाकुंभ, कांवड़ यात्रा और चारधाम यात्राएं अच्छी तरह से चली। जिसमें पुलिस की कड़ी परीक्षा होती है, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान हमको बेहतरीन पुलिसिंग व्यवस्था देखने को मिली।
इसके अलावा इसके अशोक कुमार ने ऑपरेशन स्माइल, ऑपरेशन प्रहार, ऑपरेशन मर्यादा, ड्रग्स फ्री देवभूमि जैसे समाज के लिए कई अहम अभियान भी चलाए। उन्होंने ’खाकी में इंसान’ पुस्तक भी लिखी। जिसके जरिए पुलिस के दर्द को उकेरने के साथ ही चुनौतियों को भी सामने रखा। वहीं, अशोक कुमार ने साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के लिए भी प्रयास किए। अशोक कुमार मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं।
हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाये जाने के बाद अशोक कुमार ने एक्स पर एक पोस्ट साझा की। जिसमें उन्होंने लिखा है कि ’बतौर आईपीएस अधिकारी 34 वर्षों से अधिक समय तक देश और समाज की सेवा की। अब हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति के रूप में एक नयी यात्रा शुरू करने जा रहा हूं। किशोरावस्था से ही खेल मेरे जीवन का अभिन्न अंग रहा है, मैं इस भूमिका के लिए अपना अधिकतम समर्पण और आप सभी के सहयोग से स्पोर्ट्स को एक नए आयाम तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा।’
अशोक कुमार पानीपत के गांव कुराना के मूल निवासी हैं। उनकी उच्च शिक्षा सोनीपत के हिंदू महाविद्यालय से हुई है। कुलपति अशोक कुमार राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं। वह तीन साल तक बीएसएफ में तो एक साल तक सीआरपीएफ में भी सेवाएं दे चुके हैं।


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