प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नए साल से राशन कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाएगी। इसके साथ ही राशन विक्रेताओं के भुगतान, बिलिंग और सत्यापन की व्यवस्था भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अब नागरिकों को राशन कार्ड बनवाने के लिए मैनुअल आवेदन या लंबी लाइन का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी आवेदन पोर्टल पर स्वीकार किए जाएंगे, और संबंधित दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध होगी। विभाग की ओर से बताया गया कि अब फील्ड स्तर पर सत्यापन और पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया भी ऑनलाइन ट्रैक होगी, जिससे लंबित मामलों की संख्या में कमी आएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदनकर्ताओं के साथ-साथ राशन विक्रेताओं की प्रक्रियाओं को भी डिजिटल किया जाए। उनके भुगतान, बिलिंग और स्टॉक एंट्री तक की पूरी व्यवस्था पोर्टल पर उपलब्ध होगी, जिससे रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी रहेगा और किसी प्रकार की त्रुटि या देरी की संभावना कम होगी। बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई जिलों में पारंपरिक तरीके से राशन कार्ड बनवाने में समय अधिक लग रहा था, जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी को देखते हुए निर्णय लिया गया कि अब सभी जिलों में एक जैसी ऑनलाइन प्रक्रिया लागू की जाएगी।

इसके साथ ही अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन, परित्यक्ता, असहाय और गरीब वर्ग के लोग इस डिजिटल प्रक्रिया से वंचित न रहें। ऐसे लाभार्थियों के लिए विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे जहां कर्मी उनकी ओर से आवेदन भर सकेंगे।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पोर्टल पर राशन कार्ड की पात्रता, परिवार का विवरण, श्रेणी, और खाद्यान्न वितरण के रिकॉर्ड को रियल-टाइम में अपडेट किया जाएगा। इससे विभाग को प्रत्येक जिले में खाद्यान्न की मांग, उपलब्धता और वितरण की सटीक जानकारी मिल सकेगी।इसी बीच, विभाग ने यह भी संकेत दिया कि नए खरीद वर्ष में प्रदेश में धान खरीद के लक्ष्य को बढ़ाया जा सकता है। पिछले वर्ष के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 98 फीसदी धान खरीद हासिल की गई थी, जो एक सकारात्मक उपलब्धि है। यदि उत्पादन अच्छा रहा तो इस वर्ष धान खरीद में और बढ़ोतरी की संभावना है।
राशन विक्रेताओं से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि विक्रेता की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को डिपो के हस्तांतरण में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे परिवार की आजीविका सुरक्षित रहेगी और वितरण प्रणाली में भी निरंतरता बनी रहेगी। कुल मिलाकर, नए साल से PDS सिस्टम का डिजिटल रूप प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनता को सुविधाजनक, पारदर्शी और तेज सेवा उपलब्ध कराना है।


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