इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने की जबकि कार्यक्रम का आयोजन कृषि अधिष्ठाता डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप के संयोजन में किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए एम्बेसडर सावित्री ने कहा कि जी-20 के नेतृत्व का भारत के लिए विशेष अर्थ है तथा भारत ने अपनी इस भूमिका का बखूबी निर्वहन किया है।
उन्होंने कहा कि कृषि, पर्यावरण, शिक्षा, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ आदि विषयों पर जी-20 देशों के बीच नरम कूटनीति द्वारा सर्व सम्मति बनाने का प्रयास जारी है जिसमें भारत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है।
एम्बेसडर सावित्री ने कहा कि विश्व को प्रभावित कर रहे अनेक मुद्दे सुलझाने की दिशा में भारत का नेतृत्व अत्यन्त कारगर रूप में उभरा है और आने वाले समय में भारत और अधिक महत्वपूर्ण होकर उभरेगा।

उन्होंने चंद्रयान 3 की सफलता को भारत के भविष्य की भूमिका से जोड़ते हुए कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में दुनिया के अनेक देश स्वाभाविक रूप से भारत के साथ जुड़ रहे है और भारत बिना किसी भेदभाव के दुनिया का सहयोग कर रहा है।
कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि धारणक्षम कृषि विकास की दिशा में भारत विश्व में बड़ी शक्ति बन कर उभरा है तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में विश्व को नेतृत्व भी दे रहा है। उन्होंने कहा की कृषि पर्यावरण और स्वास्थय जुड़ते हुए विषय है जिन्हें भारत के समग्र दृष्टि की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के संयोजक अधिष्ठाता कृषि डॉ शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने बताया कि भारत की अमृत काल की भूमिका में भारत का विश्वगुरु के रूप में उभरना सुनिश्चित है क्योंकि केवल भारत ही विश्व में समग्रता की सोच रखता है और भावी विश्व के एकात्म विकास की दिशा बनाने में सक्षम है।
उन्होंने देश के भावी नेतृत्व को इस व्यापक बदलाव का श्रेय देते हुए कहा कि सारा विश्व आज हमें आदर की दृष्टि से देख रहा है जो देश के भावी भूमिका का संकेत है।
इस कार्यक्रम में विश्विद्यालय के 1000 से अधिक छात्रों नें प्रतिभाग किया। पूर्व कार्यक्रम आयोजनों में वक्तृतव प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसके विजेताओं को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।


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