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गणेश गोदियाल बने उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष, प्रीतम और हरक हो मिली बड़ी जिम्मेदारी

गणेश गोदियाल को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वे इससे पहले भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए, कांग्रेस पार्टी ने प्रीतम सिंह को प्रचार समिति का अध्यक्ष और हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया है।

उत्तराखंड की कांग्रेस राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। आलाकमान ने लंबे मंथन के बाद गणेश गोदियाल को उत्तराखंड कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। साथ ही, प्रीतम सिंह को प्रचार समिति की कमान और डॉ हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। करण माहारा को कांग्रेस कार्य समिति का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। साथ ही जिला और शहर कांग्रेस के अध्यक्षों की सूची भी जारी कर दी गई है।

तीनों नामों का चयन प्रदेश में संतुलन साधने की रणनीति के तहत किया गया है। यह तिकड़ी अनुभव, संगठन और प्रभाव का संगम मानी जा रही है। गणेश गोदियाल संगठन के भीतर सुलझे और स्वीकार्य चेहरे हैं, प्रीतम सिंह के पास संगठन और जनसंपर्क का लंबा अनुभव है, जबकि डॉ हरक सिंह रावत मैदान में सक्रिय और पुराने कांग्रेस-भाजपा समीकरणों को समझने वाले नेता माने जाते हैं।

गणेश गोदियाल को कांग्रेस पार्टी ने दूसरी बार उत्तराखंड कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया है। वह पहली बार 22 जुलाई 2021 से 10 अप्रैल 2022 तक इस पद पर रहे थे। उनकी यह नियुक्ति 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की गई है, जिसमें पार्टी की प्राथमिकता संगठन को ज़मीन से जोड़ना और पुराने मतभेदों को पाटना है।

गणेश गोदियाल ने अपने चुनावी अभियान की शुरूआत 2002 में थैलीसैंण विधानसभा क्षेत्र से की थी उन्होंने उस समय बीजेपी के कद्दावर नेता रमेश पोखरियाल निशंक को हराया था। इसके बाद उन्हें 2007 में हार का सामना करना पड़ा था। 2012 में उन्होंने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और भाजपा के नेता डॉ धन सिंह रावत को हराया। इसके बाद 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वह 2019 में गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी थे।

गणेश गोदियाल का राजनीतिक सफर हमेशा बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ रहा है। उन्होंने 2002 में पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक और 2012 में शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत को हराया था। 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान गोदियाल प्रदेश अध्यक्ष थे, उस दौरान कांग्रेस भले ही बहुमत तक नहीं पहुंच पाई लेकिन पार्टी ने 2017 में हुए चुनाव के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया था। पार्टी 11 सीटों से 19 सीटों पर पहुंची। गणेश गोदियाल खुद मात्र 587 वोटों के अंतर से हारे। 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के हार के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने गणेश गोदियाल को गढ़वाल क्षेत्र से अपना प्रत्याक्षी बनाया। हालांकि इस बार उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने वोट प्रतिशत में लगभग नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। इन चुनावों में भाजपा प्रत्याक्षी अनिल बलूनी 58.60 प्रतिशत वोट लेकर विजयी रहे, जबकि गणेश गोदियाल ने 36.43 प्रतिशत वोट प्राप्त किए। इससे यह संकेत मिलता है कि गोदियाल का समर्थन बढ़ रहा है और पार्टी उनकी पकड़ पर भरोसा कर रही है।

चकराता के विधायक प्रीतम सिंह को भी एक नई जिम्मेदारी दी गई है। प्रीतम सिंह को प्रचार समिति की कमान सौंपी गई है। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद चकराता के विधायक प्रीतम सिंह को उत्तराखंड कांग्रेस की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रीतम सिंह जौनसार बावर के चकराता से लगातार छ: बार से विधायक हैं। अब उत्तराखंड में एक नई और भविष्य की टीम बनाने के मद्देनजर प्रीतम सिंह को पार्टी प्रचार समिति की कमान सौंपी गई है। प्रीतम सिंह उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ विधायक के रूप में सम्मानित हो चुके हैं। उन्हें सरल स्वभाव का माना जाता है तथा जौनसार में उनकी खासी पकड़ मानी जाती है।

डॉ हरक सिंह रावत को उत्तराखंड कांग्रेस में एक नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। डॉ. हरक सिंह रावत 2022 में भाजपा से निष्कासित होने के बाद वह अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य हैं। वह वर्ष 1991 में उत्तर प्रदेश राज्य के सबसे कम उम्र के मंत्री बने और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में पौड़ी से विधानसभा चुनाव भी जीता। वह रुद्रप्रयाग, लैंसडाउन और कोटद्वार से विधायक के रूप में भी जीते हैं।

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Hill Mail

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