चार दिनों तक चले इस विशेष अभियान में सेना के जवानों, उनके परिवारजनों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, सरकारी विभागों, गैर-सरकारी संगठनों, विश्वविद्यालयों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामुदायिक जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को प्रकृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करना था।
पर्यावरण सप्ताह के दौरान वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, पर्यावरणीय व्याख्यान और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए गए। अभियान के अंतर्गत ग्राम अस्ताद, गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय बिठ्यानी, सैन्य चिकित्सालय देहरादून, गढ़ी छावनी, दून सैनिक संस्थान, नालापानी तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों सहित कई स्थानों पर 5000 से अधिक स्थानीय और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयुक्त प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इसके साथ ही भविष्य में हरित आवरण को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से विद्यालयों, नागरिक संगठनों और सैन्य प्रतिष्ठानों को 1000 से अधिक पौधों का वितरण भी किया गया।
विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के सहयोग से किया गया। इनमें रूरल लिटिगेशन एंड एंटाइटलमेंट केंद्र (RLEK), मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA), यूकॉस्ट (UCOST), सैन्य चिकित्सालय देहरादून, जॉन मार्टिन मेमोरियल स्कूल, दून वर्ल्ड स्कूल, विश्वविद्यालय के विद्यार्थी तथा एनसीसी कैडेट्स प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी संस्थाओं ने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पर्यावरण सप्ताह के दौरान जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। विद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को जल संसाधनों के विवेकपूर्ण एवं सतत उपयोग की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने जल संकट की चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डालते हुए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल बचत के उपायों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
इसके अतिरिक्त स्वच्छता और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए। प्रतिभागियों ने सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कर स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया। अभियान के दौरान प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और एकल उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग से बचने की अपील भी की गई।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित व्याख्यानों और संवाद कार्यक्रमों में गढ़वाल ग्रीनर्स के अधिकारियों ने वनीकरण के महत्व, जैव विविधता संरक्षण और सतत जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखने हेतु सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया गया।
पर्यावरण सप्ताह का यह सफल आयोजन भारतीय सेना और गढ़वाल ग्रीनर्स की पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन और जनभागीदारी के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। पिछले चार दशकों से निरंतर प्रयासरत यह यूनिट उत्तराखण्ड के संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना को समाज में विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देती आ रही है। यह अभियान न केवल हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि समाज और सेना के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर मजबूत साझेदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण बना।


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