चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का पदभार ग्रहण करने से पहले मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में जनरल अनिल चौहान ने कहा कि सीडीएस के रूप में घोषित होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नए सीडीएस से तीनों सेवाओं, सरकार और नागरिकों की उम्मीदें एवं आकांक्षाएं हैं, जिन्हें वह अपनी पूरी क्षमता से पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों से सेना के तीनों अंगों संयुक्त रूप से निपटेंगे।

इससे पहले जनरल चौहान ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने साउथ ब्लॉक लॉन में ट्राई-सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया, जिसमें वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल एसएन घोरमडे और सशस्त्र बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान इससे पहले नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में सैन्य सलाहकार की अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे। वह सेना के पूर्वी कमान का जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रहे हैं। उन्होंने महानिदेशक सैन्य अभियान की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने अंगोला में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत सेवाएं भी दी हैं।

खडकवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र रहे लेफ्टिनेंट जनरल चौहान का विभिन्न कमांड, स्टाफ और निदेर्शात्मक नियुक्तियों में एक प्रतिष्ठित करियर रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से अलंकृति किया जा चुका है। लेफ्टिनेंट जनरल (रि) अनिल चौहान का जन्म 18 मई 1961 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम अनुपमा चौहान और बेटी नाम प्रज्ञा चौहान है।


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