देश के दूसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) रहे जनरल अनिल चौहान ने सेवानिवृत्ति के बाद पहली बार देहरादून का दौरा किया। इस अवसर पर उनका आगमन हिलमेल के कार्यालय में हुआ, जहां उन्हें विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। इस दौरान हिलमेल को जनरल चौहान का विस्तृत और विशेष साक्षात्कार करने का अवसर मिला, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, भारतीय सेना की बदलती भूमिका, भविष्य की चुनौतियों, सामरिक रणनीतियों और उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
साक्षात्कार के दौरान जनरल अनिल चौहान ने भारतीय सेना की वर्तमान तैयारियों, आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और तकनीक आधारित रक्षा प्रणाली पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज का युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सूचना युद्ध जैसे नए आयाम भी राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे समय में भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनने की आवश्यकता है।
बातचीत के दौरान उनसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े समकालीन विषयों के अलावा उनके सैन्य जीवन के अनुभवों, नेतृत्व, कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता तथा युवा पीढ़ी के लिए उनके संदेश पर भी प्रश्न पूछे गए। जनरल चौहान ने अपने लंबे सैन्य जीवन के कई प्रेरक अनुभव साझा करते हुए कहा कि अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण किसी भी सैनिक की सबसे बड़ी ताकत होती है।
साक्षात्कार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उनके व्यक्तिगत जीवन और उत्तराखंड से जुड़े संबंधों पर भी केंद्रित रहा। उन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन, सैन्य सेवा के शुरुआती दिनों और उत्तराखंड की संस्कृति, मूल्यों एवं युवाओं की प्रतिभा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश सदैव वीरता और देशभक्ति की भूमि रहा है। यहां के युवाओं में सेना के प्रति विशेष आकर्षण और राष्ट्रसेवा का भाव हमेशा दिखाई देता है।
हिल-मेल के साथ हुई इस विशेष बातचीत में जनरल चौहान ने बदलते वैश्विक परिदृश्य, भारत की रक्षा नीति और भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मजबूत सैन्य क्षमता के साथ-साथ कूटनीति, आर्थिक शक्ति और तकनीकी विकास भी किसी देश की सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
इस अवसर पर जनरल अनिल चौहान के साथ कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे। इनमें लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. सिंह, कर्नल अजय कोठियाल, पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत तथा आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी शामिल रहे। सभी अतिथियों ने जनरल चौहान के अनुभवों और विचारों को देश के युवाओं एवं समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।

हिल-मेल के कार्यालय में आयोजित यह संवाद केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नेतृत्व जैसे गंभीर विषयों पर सार्थक विमर्श का मंच बना। उपस्थित लोगों ने जनरल चौहान के विचारों को गंभीरता से सुना और विभिन्न विषयों पर उनके अनुभवों से सीखने का अवसर प्राप्त किया।
यह विशेष साक्षात्कार जल्द ही हिल-मेल के विभिन्न डिजिटल और सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित किया जाएगा। उम्मीद है कि यह संवाद देशभर के दर्शकों, विशेषकर युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों, रक्षा अध्ययन में रुचि रखने वाले लोगों तथा सेना में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक सिद्ध होगा।
जनरल अनिल चौहान का यह देहरादून दौरा और हिल-मेल के साथ उनका विस्तृत संवाद न केवल उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण जैसे विषयों को आम लोगों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।








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