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भारत के पहले CDS जनरल बिपिन रावत की याद में सेना ने यूएसआई में ‘चेयर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित की

सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने मंगलवार को भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की याद में शीर्ष सैन्य थिंक टैंक ‘यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया’ (यूएसआई) में ‘चेयर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए जाने की घोषणा की। जनरल रावत की 65वीं जयंती की पूर्व संध्या पर यह घोषणा की गई। जनरल रावत की गत वर्ष आठ दिसम्बर को तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में जनरल रावत की पत्नी मधुलिका तथा 12 सशस्त्र बलों के कर्मी भी मारे गए थे।

जनरल बिपिन रावत स्मृति ‘चेयर ऑफ एक्सीलेंस’ सशस्त्र बलों के बीच एकजुटता और अखंडता पर ध्यान केंद्रित करेगी। सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘भारत के पहले सीडीएस और 27वें सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत असाधारण पेशेवर व्यक्ति थे और भारतीय सेना के सर्वाधिक महत्वपूर्ण बदलावों में से एक के संवाहक थे।’  ‘यूएसआई के निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीके शर्मा को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा गया है, इसका भुगतान नामित ‘चेयर ऑफ एक्सीलेंस’ को मानद राशि के तौर पर किया जाएगा।’

यह भी देखें – सीडीएस जनरल बिपिन रावत के जन्मदिन पर दिल्ली और देहरादून में दो बड़े कार्यक्रमों का आयोजन, कई सैन्य अधिकारी होंगे शामिल

सेना ने कहा, ‘चेयर ऑफ एक्सीलेंस जनरल रावत के कुशाग्र नेतृत्व और पेशेगत विशेषज्ञता को एक श्रद्धांजलि है।’ सेना प्रमुख ने 15 मार्च 2022 को साउथ ब्लॉक में आयोजित एक समारोह में अपने संबोधन में कहा कि जनरल रावत रणनीतिक मामलों को लेकर बहुत जोशीले थे तथा विभिन्न थिंक टैंक की गतिविधियों में अपना व्यापक समय और ऊर्जा डालते थे।

जनरल नरवणे ने कहा, ‘इसलिए उनकी 64वीं जयंती ने बौद्धिक संस्थानों के साथ सेवाओं को फिर से जोड़ने का अवसर प्रदान किया है।’ सेना प्रमुख ‘चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी’ (सीओएससी) के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर अपनी सेवा दे रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस वर्ष के शोध का विषय रखा गया है – ‘भारत में जमीनी लड़ाई के संदर्भ में एकजुटता एवं अखंडता।’ शोध की अवधि एक वर्ष की होगी, जो हर साल एक जुलाई से शुरू होगी।

इस अवसर पर उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे, उपवायुसेना प्रमुख एयर मार्शल संदीप सिंह, उपनौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल एसएन घोरमाडे, सीआईएससी एयर मार्शल बीआर कृष्णा, डीसीओएएस लेफ्टिनेंट जनरल एसके शर्मा भी उपस्थित थे।

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Hill Mail

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