मुख्य अतिथि गणेश जोशी ने कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान को बधाई देते हुए कहा कि भारत की कृषि क्षेत्र में उन्नति पन्तनगर विश्वविद्यालय के योगदान से ही संभव हो पायी है। उन्होंने बताया कि किसान फसलों से अधिक पैदावार लेने के लिए भूमि में रसायनिक उर्वरकों का काफी मात्रा में उपयोग कर रहें है जिसके प्रभाव से भूमि की उर्वराशक्ति को क्षति पहुंच रही है।
उन्होंने शोध पर कार्य किये जाने पर बल दिया तथा मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्रों से किसानो को जोड़ने की आवश्यकता बताया। कृषि विज्ञान केन्द्रों को गढ़वाल क्षेत्र में भी कार्य करने हेतु सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की मुहिम अन्तर्राश्ट्रीय मोटे अनाज वर्श 2023 को 72 देशों में श्रीअन्न के रूप में मनाया जा रहा है। मोटे अनाज में पोशक तत्वों की मात्रा अधिक पायी जाती है तथा उनको उगाने में पानी की आवश्यकता कम पड़ती है।

कृषि मंत्री ने कहा इस प्रकार के किसान मेले किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। किसान मेला एक ऐसा मंच होता है, जहां किसान एवं कृषि से सम्बन्धित उद्यमी एक ही स्थान पर अपनी कृषि सम्बन्धी सभी जानकारी प्राप्त करते हैं। साथ ही कृषि निवेश जैसे उन्नत बीज, कीटनाशक दवाइयां, कृषि यंत्र, जैविक खाद आदि का क्रय एवं अपनी खेती में इनका प्रयोग कर लाभ उठाते हैं। उन्होंने मेले में आये हुए सभी उद्यमियों, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं एफ.पी.ओ. को बधाई देते हुए कहा इस मेले में बड़े परिश्रम एवं उत्साह के साथ भाग लेकर तकनीकी हस्तान्तरण में अपना अमूल्य योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि एफ.पी.ओ, स्वयं सहायता समूह एवं किसानो को मजबूत करने की आवश्यकता है जिससे वह कृषि संबंधित नयी तकनीक का उपयोग कर अपनी आय में वृद्वि कर सके। इस अवसर पर विशिश्ट अतिथि शिव अरोरा एवं मोहन सिंह बिष्ट ने अपने उद्गार व्यक्त किये।

कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने निदेशक प्रसार शिक्षा डा. जे.पी. जायसवाल एवं उनकी टीम को 114वें अखिल भारतीय किसान मेले के सफल आयोजन हेतु बधाई देते हुए कहा कि इस किसान मेले में 450 से अधिक स्टाल लगाये गये हैं, जिनसे 36 लाख रूपये की आय हुई है, जोकि एक बहुत बडी उपलब्धि है। उन्होंने स्मार्ट एग्रीकल्चर एवं स्मार्ट मार्केटिंग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि किसानों को स्मार्ट एग्रीकल्चर एप से जुडने हेतु आह्वान किया जिससे किसानो को नयी तकनीक जानकारी प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में डा. जे.पी. जायसवाल ने सभी उपस्थितजनों का स्वागत किया और चार दिवसीय 114वें किसान मेले के बारे में जानकारी देते हुए डा. जे.पी. जायसवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न बीज केन्द्रों से किसानों को 1 करोड़ 48 लाख रूपये के बीजों की बिक्री की गयी। उन्होंने बताया कि इस मेले में विभिन्न फर्मों, विश्वविद्यालय एवं अन्य सरकारी संस्थाओं के लगभग 450 से अधिक स्टाल लगाये गये व लगभग 25000 पंजीकृत एवं अपंजीकृत किसानों ने मेले का भ्रमण किया।

सभी मुख्य अतिथि द्वारा सर्वोत्तम स्टाल के लिए मैसर्स न्यू हालैंण्ड ट्रैक्टर, रूद्रपुर तथा सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए मैसर्स मनराज एग्रो इंडस्ट्रीज, गदरपुर के प्रतिनिधियों को प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त इस अवसर पर किसान मेले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं स्टालों के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किये गये।
समापन समारोह में सभी अतिथियों ने मेले में लगी उद्यान प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय व अन्य सरकारी संस्थानों के स्टालों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया गया। साथ ही मेले में लगाये गये विभिन्न वर्गों के स्टॉलों को भी उनके प्रदर्शन व बिक्री के आधार पर पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में डा. ए.एस. नैन ने सभी को धन्यवाद दिया।


Leave a comment