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हंस फाउंडेशन ने रुद्रप्रयाग जिले के लिए भेजी दवाइयां, ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, सैनिटाइजर, सीएम तीरथ ने दिखाई हरी झंडी

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर से बेहतर से करने में जुटी है। ऐसे में तमाम सामाजिक संगठन और निजी संस्थाएं सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। ताकि इस कोरोना वायरस को जड़ से समाप्त किया जा सके।

इस क्रम में हंस फाउंडेशन ने माताश्री मंगला एवं भोले जी महाराज के मार्गदर्शन में रुद्रप्रयाग जिले के लिए कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए ऑक्सीजन कनसेंटेटर-40, नेबुलाइजर-60, ऑक्सीमीटर-500, ऑक्सीजन मास्क-300, डिजिटल थर्मामीटर-448, सैनिटाइजर, सर्जिकल मास्क-3250, पीपी किट-587, आईआर थर्मामीटर-50, क्लॉथ मास्क-14000, स्टीमर-100, बीपी मशीन-20, पीपी गाउन-1140, टी शर्ट-50, दवाइयां एवं अन्य स्वास्थ्य उपकरण प्रदान किए। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देहरादून से हरी झंडी दिखाकर इस सामग्री को रवाना किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि माता मंगला एवं भोले जी महाराज का आशीर्वाद हमेशा प्रदेश को हर सुख-दुख में मिलता रहा है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में भी हंस फाउंडेशन का सहयोग प्रदेश को निरंतर मिल रहा है। इसके लिए हम माता मंगला एवं भोले जी महाराज के आभारी हैं।

मख्यमंत्री ने कहा कि हंस फाउंडेशन कोरोना संक्रमण के इस दौर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर पहाड़ के दूरगामी क्षेत्रों तक मदद पहुंचा रहा है। फाउंडेशन के माध्यम से प्रदेशभर में वेंटीलेटर, ह्यूमिडिफायर, हेल्थ मॉनिटर्स, बाइपैप, ट्रैक्स एम्बुलेंस, मास्क, सैनिटाइजर, सरकारी नियामानुसार विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सरकारी अस्पताल इत्यादि के माध्यम से होम आइसोलेशन किट का वितरण किया जा रहा है। इसके लिए हम माता मंगला एवं भोले जी महाराज का आभार प्रकट करते है।

हंस फाउंडेशन द्वारा प्रदान की जा रही अन्य मदद:-

एम्स ऋषिकेश को 30 वेंटीलेटर, 30 ह्यूमिडिफायर प्रदान किए जा रहे हैं।

हिमालयन अस्पताल देहरादून को 10 वेंटिलेटर, 20 हेल्थ मॉनिटर्स, 20 बाइपैप, 05 ह्यूमिडिफायर प्रदान किए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में स्थिति मेडिकल कॉलेज को 15 वेंटीलेटर प्रदान किए गए हैं।

एनसीआर के अस्पतालों को कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए 8 वेंटिलेटर प्रदान किए जाने हैं।

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग को 15 ट्रैक्स एम्बुलेंस प्रदान की जाएंगी। कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग को होम आईसोलेशन किट प्रदान की गई है। जो पहाड़ के दूरगामी क्षेत्रों के ग्रामीणों को निःशुल्क प्रदान की जा रही है।

उत्तराखंड में गैरसरकारी संगठनों के माध्मय से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 10-15 ट्रैक्स एम्बुलेंस खरीदने के प्रक्रिया जारी है।

सरकारी नियामानुसार विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सरकारी अस्पताल इत्यादि के माध्यम से होम आईसोलेशन किट का वितरण होगा।

 

ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रदान की जाएंगी, पीपीईकिट, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर इत्यादि।

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग को कंसेंट्रेटर, ऑक्सीमीटर एवं दवाइयों के साथ-साथ अन्य जरूरी सेवाएं प्रदान की जा रही है।

उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए निरंतर मास्क एवं सैनिटाइजर का वितरण किया जा रहा है।

हंस फाउंडेशन अस्पताल सतपुली के साथ-साथ देहरादून एवं हरिद्वार में चल रहे कोविड सेंटरों के लिए 200 ऑक्सीजन सिलिंडर प्रदान किए गए है। इसी के साथ हरिद्वार में स्थापित कोविड केंद्र को अपग्रेट करने लिए विटिलेंटर सहित अन्य मेडिकल उपकरण प्रदान किए जा रहे है। ताकि किसी भी आपात स्थिति में कोविड के मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

माताश्री मंगला एवं भोले जी महाराज के मार्गदर्शन में हंस फाउंडेशन के माध्यम से उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर पुलिस, गैर सरकारी संगठनों के साथ-साथ विधायक एवं ग्राम प्रधानों के माध्यम से मास्क एवं सैनिटाइजर के साथ-साथ अन्य आवश्यक सामान प्रदान किया जा रहा है।

कोरोना की जंग लड़ रहे लोगों को यदि कभी भी प्लाज्मा की आवश्यकता पड़ती हैं तो, ऐसे मरीजों के लिए हंस फाउंडेशन प्लाज्मा डोनेट करने वाले लोगों के एंटीबॉडी परीक्षण के लिए प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर कई एनजीओ के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

देश के 28 राज्यों में स्वास्थ्य-शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय भूमिका निभा रहा हंस फाउंडेशन भारत में आई कोरोना की पहली लहर में सेवा भी सम्मान भी के साथ ऑपरेशन नमस्ते के माध्यम से देश के दूरगामी क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं जन सेवाओं को पहुंचाने में प्रथम पंक्ति में खड़ा था, तो कोरोना की दूसरी लहर में ‘अहर्निशं सेवामहे’ (हम दिन-रात सेवा में रहते हैं) की परिकल्पना के साथ कोरोना संक्रमण के खिलाफ देश-प्रदेश के साथ खड़ा है।

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Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

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