ऋषिकेश: प्रकृति के प्रति प्रेम के त्यौहार हरेला पर्व को उत्तराखंड में धूमधाम से मनाया जाता है। हरेला पर्व हरेला ऋतुओं के स्वागत का पर्व भी है, नई ऋतु के अगमान के साथ ही यह पर्व भी आता है। इस दिन के लिए कहा जाता है कि अगर पेड़ की कोई टहनी भी मिट्टी में रोप दी जाए तो वो भी जड़ पकड़ लेती है, यहीं से पहाड़ों में हरियाली छाने लगती है। नई कोपलें निकलने लगती हैं। हरेला हरियाली और समृद्धि का प्रतीक है, सावन का महीना आरम्भ होने से 10 दिन पहले हरेला बोया जाता है।
इसी के तहत आज ऋषिकेश में भी हरेला पर्व का आयोजन किया गया। बता दें कि आज ऋषिकेश में ‘आस’ एक्शन फ़ॉर एडवांसमेन्ट ऑफ सोसायटी के द्वारा हरेला पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिसमें उन्होंने उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक लि० ऋषिकेश के साथ मिलकर महिलाओं को फलदार वृक्ष बांटे गए।

‘आस’ संस्था की सचिव हेमलता बहन ने कहा कि उत्तराखंड में जिस तरह दिन प्रतिदिन विकास की ख़ातिर पेड़ो का कटान हो रहा है। उसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक खाली पड़ी जमीन पर पौधारोपण जरूर हो। उन्होंने आगे कहा कि अगर खाली पड़ी जमीन और फलदार वृक्षों का रोपण किया जाए तो इससे वायु, छाया के साथ साथ आर्थिक रूप से भी सहायता मिलती है।
हेमलता बहन ने कहा कि बाजार में नींबू की कीमत में भारी उछाल आया था। नींबू एक ऐसा फल है जो हर किसी की रसोई में जरूर मौजूद होता है।उसी को मध्यनजर रखते हुए उन्होंने महिलाओं को नींबू के पेड़ भेंट दिए।

कार्यक्रम में उपस्थित उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक के सचिव सुरेंद्र सिंह राणा व बैंक के सदस्य बृजपाल सिंह राणा ने कार्यक्रम की सरहाना करते हुए कहा कि वे सदैव ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर रहेंगे।
इस दौरान कार्यक्रम में गुमानीवाला प्रधान दीपिका व्यास, उप प्रधान रुकमा व्यास, सोनी रतूड़ी, पुष्पा झाबा, रेखा, कांता तिवारी, बिजला रमोला, सरोजनी तिवारी, कृष्णा रतूड़ी, अनीता बलूनी, सुमित्रा देवी, लालमति देवी, पूजा देवी, सुनील रावत, मधु देवी और पूनम पोखरियाल आदि लगभग 100 महिलाओं को फलदार नींबू के व्रक्ष बांटे गए।

साथ ही उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ऋषिकेश के सचिव एसएस राणा, प्रबंधक आशीष संगर, प्रबंधकारणि सदस्य बृजपाल सिंह राणा, विरेंद्र बेलवाल , खैरी का दिना के फ़िल्म निर्देशक अशोक चौहान आशु,व रोशन उपाध्याय उपस्थित रहे।


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