स्वंयसेवक रक्तदान अभियान की बैठक में स्वास्थय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के अन्तर्गत जनपद को 500 रक्त दाताओं के पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दिये गये इस लक्ष्य के सापेक्ष 5 हजार के लक्ष्य की प्राप्ति करना सुनिश्चित करें।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये रक्तदान अभियान के दौरान जनपद के प्रमुख स्थानों पर रक्तदान शिविरों के आयोजन के निर्धारण की तिथि का शीघ्र ही प्रकाशन करना सुनिश्चत करें ताकि इच्छुक रक्तदाताओं को इसकी समय से सूचना मिल सके। अभियान को स्तर पर सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय को स्वंय एवं अधीनस्त कार्मिकों इस अभियान में शामिल करने के निर्देश दिये है।
रक्तदान के महत्व व रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को पोस्टर-बैनर इत्यादि के माध्यम से व्यापक स्तर पर जन-जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। इस अभियान के दौरान लिये गये रक्त की नियमानुसार देखरेख हो सके इस हेतु उन्होने सीएमओ को ब्लड बैंक में तमाम व्यवस्थायें दुरुस्थ करने के निर्देश दिये हैं।
डीएम ने कहा कि अधिक से अधिक लोगो का ई-रक्तकोष पोर्टल पर पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर ससमय रक्त का अदान-प्रदान हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि रक्तदान से पूर्व रक्त के समूह ध् ग्रुप व उस व्यक्ति में हिमोग्लोबिन के स्तर का भी पता चल सकेगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ बीके शुक्ला ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए शिवारों के आयोजन को लेकर तिथियों का निर्धारण किया जा चुका है। जिसके के तहत आगामी 17 सितम्बर को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग एवं राजकीय महाविद्यालय अगस्तमुनि, 20 सितम्बर को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऊखीमठ, 23 सितम्बर को समूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जखोली में शिविर प्रस्तावित है।
उन्होने कहा कि आमजन की सहभागिता ही हर योजनाध्विचार के सफलता की कुंजी होती है। उन्होने शिविरों में अधिक से अधिक लोगो को प्रतिभाग करते हुए रक्तदान अभियान को सफल बनाने की अपेक्षा की।
इस बैठक में एसीएमओ डॉ विमल सिंह, डॉ गीता, डॉ भरत कुमार, अगस्तमुनि महाविद्यालय की प्रचार्य प्रो पुष्पा नेगी सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।


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