प्राप्त जानकारी के अनुसार, जोशीमठ क्षेत्र के चाई गांव के ऊपर हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने अथवा आपातकालीन लैंडिंग करने की सूचना मिली थी। जोशीमठ कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक मनोहर कन्याल के मुताबिक, जोशीमठ के उपजिलाधिकारी से दोपहर 2 बजकर 21 मिनट पर इस संबंध में सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद संबंधित विभागों को घटना की जानकारी दी गई।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) के कर्मियों के अनुसार, ट्रांस भारत कंपनी के हेलीकॉप्टर की लोकेशन चाई गांव के ऊपर सेना के शिविर के पास दिखाई दे रही थी। हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से सहस्रधारा की ओर जा रहा था। हालांकि, शुरुआती जानकारी में इसके दुर्घटनाग्रस्त होने और आपातकालीन लैंडिंग के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी।
हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और एक पायलट सहित कुल छह लोग सवार थे। यात्रियों की पहचान, उनकी स्थिति और घटना के वास्तविक कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही थी। प्रशासन की ओर से भी घटना की पुष्टि और अन्य विवरण जुटाए जा रहे थे।
सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की जोशीमठ और पांडुकेश्वर पोस्ट से राहत-बचाव टीमें दोपहर 2 बजकर 24 मिनट पर संभावित घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में घटनास्थल तक पहुंचने और वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए बचाव अभियान शुरू करने की तैयारी की गई।
मौसम विभाग ने जारी किया था ऑरेंज अलर्ट
हेलीकॉप्टर से जुड़ी घटना के दौरान क्षेत्र में मौसम खराब था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 30 अक्टूबर को चमोली जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी थी।
इसके अलावा जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई थी। बदरीनाथ-जोशीमठ मार्ग के आसपास हल्की बारिश और बर्फबारी होने का भी पूर्वानुमान था। ऐसे प्रतिकूल मौसम में हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
फिलहाल, हेलीकॉप्टर के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि और सवार लोगों की स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार था। राहत-बचाव दलों के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही हादसे की परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद थी।




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