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सत्कर्मा मिशन में बही भक्ति गीतों की बयार, हिमालयन योगी स्वामी वीरेंद्रानंद की आत्मकथा का विमोचन

सत्कर्मा मिशन हरिद्वार में आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम में सुर सम्राट रियाज मलिक पहुंचे। उन्होंने सीमांत क्षेत्र धारचूला मुनस्यारी से आए हुए श्रद्धालुओं को अपने भजनों से मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर महाकुंभ 2021 के पुलिस मेला अधिकारी संजय गुंज्याल, आईजी द्वारा इं० ललित शौर्य द्वारा श्रीश्री 1008 हिमालयन पीठाधीश्वर हिमालयन योगी महामंडलेश्वर (श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा) पर लिखी आत्मकथा “शिक्षक से सन्यासी तक का सफरनामा” पुस्तक का विमोचन हुआ।

इस बार हरिद्वार महाकुंभ के दौरान श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े की धर्म ध्वजा आरोहण के साथ ही पेशवाई शानदार रही। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नूतन महामंडलेश्वर हिमालायन योगी स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि जी महाराज का पट्टाभिषेक किया गया था। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा में नियुक्त कर महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि जी का पट्टाभिषेक किया था।

स्वामी वीरेंद्रानंद द्वारा संचालित सत्कर्मा मिशन उत्तराखंड में गरीबों, असहाय लोगों और जरूरतमंदों की सहायता करता आ रहा है। स्वामी वीरेंद्रानंद जी ने कोरोना काल में आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अभियान चलाया था। उन्होंने खुद घूम-घूमकर लोगों की मदद की।

सुदूर इलाकों में भी उनके सत्कर्मा मिशन के स्वयंसेवकों ने मदद पहुंचाई। आपदा में भी वह लोगों का दुख दर्द बांटते दिखे। सत्कर्मा मिशन गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद करने के साथ ही जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के मिशन में भी जुटा है।

उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में एशियन सत्कर्मा मिशन के संस्थापक स्वामी वीरेंद्रानंद पर्यावरण को लेकर विशेष अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कोरोना संकट, उत्तराखंड के विकास, प्रकृति के महत्व, पलायन, स्वरोजगार और पहाड़ में संभावनाओं के हर क्षेत्र में अपने मिशन के माध्यम से काम किया है। हरेला पर्व के अवसर पर उनके मिशन ने ढाई लाख से ज्यादा पौधे लगाए।

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Hill Mail

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