बरातियों से भरी एक बस कोटद्वार-रिखणीखाल-बीरोंखाल मार्ग पर सिमड़ी के पास अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। यह हादसा देर शाम सात बजे के आसपास हुआ है। कहा जा रहा है कि इस बस में 45 से अधिक बराती सवार थे। सूचना मिलते ही धुमाकोट और रिखणीखाल की पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग राहत और बचाव में जुट गये थे।
रात को अंधेरा अधिक होने के कारण रेस्क्यू अभियान चलाने में काफी परेशानी आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस काफी नीचे गई है पहाड़ी में लोग छिटक कर इधर उधर गिरे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह बस हरिद्वार जिले के लालढांग क्षेत्र से बरात को लेकर बीरोंखाल के कांडा मल्ला गांव जा रही थी। गांव के पास ही यह हादसा हुआ है।

बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देर सांय सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से दुर्घटना के बारे मे विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डीएम पौङी से फोन पर बात कर उन्हें पूरी सतर्कता के साथ राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा कंट्रोल रूम के अधिकारियों को हालात पर लगातार नजर बनाए रखने और जिले के अधिकारियों से लगातार सम्पर्क में रहने के निर्देश दिये और कहा कि शासन स्तर से हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बस दुर्घटना के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने फोन पर विधायक लैंसडाउन से भी वार्ता की तथा स्थिति की पूरी जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घायलों का हर संभव उपचार की व्यवस्था तथा राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय के साथ तेजी लाये जाने के निर्देश दिये है।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा डॉ. रणजीत सिन्हा को निर्देश दिये कि आपदा प्रबन्धन तंत्र को निरन्तर सक्रियता से संचालित किया जाए तथा आपदा की स्थिति पर बराबर नजर रखी जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में हुई घटना की भी अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इन दुर्घटनाओं के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने अपने कल के पूर्व प्रस्तावित सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिये हैं।


बारातियों की बस की खाई में गिर जाने से बहुत ही दुख हुआ है, हम सभी उत्तराखंड वासी इस प्रकार से जन मानहानि होने से बड़े स्तब्ध एवम दुखी हैं, भगवान से प्रार्थना है कि इन सभी बारातियों को सकुशल घर वापस लौट आए।