मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि उत्तराखंड का चहुमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि जब हम उत्तराखंड का 25वां स्थापना दिवस मनायेंगे, उस समय हमारा राज्य उत्तराखंड हर क्षेत्र में हिन्दुस्तान का अग्रणी राज्य होगा, इसके लिये हम कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री से उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान खोले जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की उत्तराखंड राज्य से जो भी अपेक्षायें होंगीं, उन्हें हम पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक क्षेत्र में देश का नाम विश्व में रोशन किया है। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अद्भुत कॉरिडोर बना है। अहिल्याबाई होल्कर के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी विश्वनाथ के स्वरूप को संवारा है। उन्होंने केदारनाथ धाम व बद्रीनाथ धाम का उल्लेख करते हुये कहा कि केदारनाथ में 400 करोड़ रूपये की योजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास हुये है तथा अप्रैल में केदारनाथ में तीसरे चरण के कार्यों की शुरूआत हो जायेगी। इसके अलावा बद्रीनाथ धाम के लिये 250 करोड़ रूपये की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसके लिये टेंडर की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गयी है।
इस अवसर पर सर्वानन्द सोनोवाल ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 10 बेड का आयुष हॉस्पिटल उत्तराखंड में स्थापित किया जायेगा, राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक मोबाइल आयुष यूनिट (आयुष रथ) संचालित किये जायेगे, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राज्य में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जायेगी, राष्ट्रीय आयुष मिशन के अन्तर्गत 50 बेड का यूनानी हॉस्पिटल स्थापित किया जायेगा, 100 आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने के लिये आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, नेशनल मेडिकल प्लांट्स बोर्ड की सहायता से 200 स्कूलों में हर्बल गार्डन की स्थापना की जायेगी, नेशनल मेडिकल प्लांट्स बोर्ड की सहायता से उत्तराखंड के तेरह जिलों में तेरह नर्सरियों की स्थापना की जायेगी, मेडिकल प्लांट आदि की अवस्थापना के लिये प्रत्येक वन पंचायत को 15 लाख की सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी में मर्म चिकित्सा की व्यवस्था होगी तथा यह देश का प्रमुख केन्द्र बनेगा।
उत्तराखंड के वन, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, श्रम, कौशल विकास एवं सेवायोजन, आयुष, आयुष शिक्षा, ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड महर्षि चरक ऋषि की धरती है। उत्तराखंड योग, आयुर्वेद, मां गंगा की धरती है। प्रधानमंत्री ने योग को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया तथा आयुष मंत्रालय का गठन किया, जिसकी वजह से आज आयुष के क्षेत्र में काफी प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय में लोगों ने आयुष के महत्व को समझा। उन्होंने बताया कि आज 19 आयुर्वेदिक कॉलेज हैं, जिनमें 11 सौ सीटें हैं।



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