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सैनिकों के सम्मान से बढ़ रहा है देश का सम्मान एवं स्वाभिमान

मुख्यमंत्री ने सभी को विजय दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि वीर सैनिकों के सम्मान से देश का स्वाभिमान एवं सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी भी पूर्व सैनिक नहीं होता वह सदैव वीर सैनिक ही रहता है। उन्होंने सैनिकों के सम्मान की इस परम्परा को आगे भी बनाये रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की महानता तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं दल के नेतृत्व की शुभकामनाओं का प्रतिफल है कि एक सैनिक के बेटे को मुख्य सेवक के रूप में कार्य करने का अवसर दिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सैन्य बलों की मजबूती तथा उन्हें आवश्यक सुविधायें एवं साज सामान उपलब्ध कराने, वन रैंक वन पेंशन की सुविधा के साथ ही जवानों को गोली का जवाब तुरंत गोली से देने की छूट देकर सैनिकों को उनका वास्तविक सम्मान एवं श्रेय देने का कार्य किया है। आज हमारी सेना दुश्मन के घर जाकर उनका मुकाबला करती है। हमारी सशक्त एवं मजबूत सेना के कारण दुनिया में हमारे देश का हौसला बुलंद हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सेना को दिये गये सम्मान की परम्परा का प्रतिफल है कि आज सभी सेना का सम्मान करने के लिये मजबूर हैं। आज भारत बदल रहा है। देश का स्वाभिमान बढ़ रहा है। उन्होंने स्वयं को सैनिक का बेटा व भाई बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में अनुशासन सेना से सीखा है। सैनिकों के कल्याण के लिये जो भी जरूरी होगा उसके लिये वे सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून में शीघ्र ही भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने स्व. सी.डी.एस. जनरल विपिन रावत का स्मरण कर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे सैनिकों के कल्याण के हिमायती थे। स्व. विपिन रावत के साथ उन्होंने देहरादून लैंसडाउन, बनबसा एवं रानीखेत में पूर्व सैनिकों के कल्याण से संबंधित कार्यक्रम निर्धारित किया था। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उनसे हुई मुलाकात में भी सैनिकों से जुड़े कार्यक्रमों पर वार्ता हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि 2025 में अपना रजत जयंती वर्ष मनाते समय उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो, इसके लिये हम राज्य के समग्र विकास के प्रति प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ पुनर्निर्माण का कार्य पूर्णता की ओर है। बद्रीनाथ के सौन्दर्यीकरण का कार्य भी गतिमान है। प्रधानमंत्री के सफल मार्गदर्शन में देश में हर वो कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है जो पहले मुमकिन नहीं लगते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम अपनी दिव्यता का प्रदर्शन कर रहा है। राम मंदिर का निर्माण प्रगति पर है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है, सैनिकों की भूमि है। देश का हर पांचवा सैनिक उत्तराखंड से होता है। भारतीय सेना का सैनिक होना गर्व की बात है। आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में सुरक्षित है। नरेन्द्र मोदी की सरकार और पुष्कर सिंह धामी की सरकार हर पल सैनिकों के हितों के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सैनिकों की वन रैंक वन पेंशन की बङी मांग पूरी की। वे अपने त्यौहार बॉर्डर पर सैनिकों के बीच मनाकर उनका मनोबल बढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की भावना के अनुरूप उत्तराखंड में दिव्य और भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शहीदों के घरों से पवित्र मिट्टी लाई गई है। यहां म्यूजियम होगा, लाईट व साउंड शो होगा। शहीद जसवंत सिंह और बाबा हरभजन के मंदिर बनेंगे। राज्य सरकार शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। देहरादून में वार मेमोरियल बॉयज एंड गर्ल्स होस्टल बनाया है। हल्द्वानी में भी बनाया जाएगा। वीरता पदक से अलंकृत के लिए राशि में कई गुना वृद्धि की गई है। हमारी सरकार दिल से सेना और सैनिकों का सम्मान करती है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, से.नि. जनरल सब्बरवाल, ब्रिगेडियर के.जी बहल, कर्नल भंडारी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैन्य अधिकारी व सैनिक उपस्थित थे।

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Hill Mail

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