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भारत–जापान प्रतिभा सहयोग की बड़ी छलांग: साकुरा कॉर्पोरेट सॉल्यूशंस ने बनाई नई राह

साकुरा कॉर्पोरेट सॉल्यूशंस के संस्थापक रमेश शर्मा सुन्द्रीयाल और शुभम सुन्द्रीयाल के नेतृत्व में भारत–जापान टैलेंट सहयोग को नई उड़ान मिली है। कंपनी ने IIT के 35 युवाओं को जापान में प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेस किया है और दिसंबर में दूसरी खेप भी रवाना कर दी गई। भाषा प्रशिक्षण से लेकर ओरिएंटेशन तक, यह पहल भारत के युवाओं के लिए नया वैश्विक अवसर खोल रही है।

भारत और जापान के बीच टैलेंट सहयोग को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल हाल ही में सामने आई है। देहरादून स्थित साकुरा कॉर्पोरेट सॉल्यूशंस, जिसके संस्थापक रमेश शर्मा सुन्द्रीयाल हैं और संचालन में उनका साथ दे रहे हैं शुभम सुन्द्रीयाल, ने भारत के प्रतिभाशाली युवाओं को जापान में करियर शुरू करने का बड़ा अवसर दिया है।बीते दो वर्षों में कंपनी ने केवल भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों — IIT रुड़की, IIT दिल्ली, IIT मुंबई और IIT हैदराबाद — से ही प्रतिभाशाली छात्रों का चयन किया। इस चयन प्रक्रिया का उद्देश्य था कि जापानी कंपनियों की बढ़ती स्किल्ड इंजीनियरों की मांग को भारतीय टैलेंट के साथ पूरा किया जा सके।

यह यात्रा तब और मजबूत हुई जब पहला बैच  35 IIT ग्रेजुएट्स  नवंबर में जापान के लिए रवाना हुआ। इस समूह ने ओसाका और अन्य शहरों में कई प्रसिद्ध कंपनियों में काम करना शुरू कर दिया है। यह भारत–जापान साझेदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।इसके बाद, दूसरा बैच भी अब रवाना हो चुका है। 3 दिसंबर को चार नए छात्र जापान पहुँचे। एयरपोर्ट पर रवाना होने से पहले स्वयं रमेश सुन्द्रीयाल ने सभी छात्रों को जापानी कार्य संस्कृति, अनुशासन, समयपालन और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन के बारे में विस्तार से बताया।

इस पहल की सबसे खास बात यह है कि छात्रों को भेजने से पहले उनका गहन प्रशिक्षण देहरादून में ही होता है। Yunige SKP School of Global Languages में जापानी भाषा और संस्कृति की ट्रेनिंग स्थानीय विशेषज्ञों द्वारा दी जाती है। यह प्रशिक्षण न केवल भाषा दक्षता बढ़ाता है बल्कि छात्रों को जापान के सामाजिक और ऑफिस कल्चर से भी परिचित कराता है, ताकि वे वहाँ आसानी से घुलमिल सकें।

कंपनी की लॉजिस्टिक्स टीम भी उत्तराखंड में ही आधारित है, जो डॉक्यूमेंटेशन से लेकर ट्रैवल प्लानिंग और वीज़ा प्रक्रिया तक हर चरण को संभालती है। इससे छात्रों और उनके परिवारों को पूरी प्रक्रिया बेहद सहज व भरोसेमंद बनी रहती है। अब साकुरा कॉर्पोरेट सॉल्यूशंस अगले चरण की तैयारी में है। आने वाले महीनों में 50 से अधिक नए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। जापान में इंजीनियरों की बढ़ती मांग और भारत की युवा प्रतिभा का बड़ा आधार दोनों मिलकर इस सहयोग को एक दीर्घकालिक मॉडल बनाते हैं।

यह पहल न केवल करियर अवसरों को बढ़ाती है, बल्कि भारत–जापान के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को भी मजबूत करती है। दोनों देशों के बीच यह टैलेंट एक्सचेंज भविष्य में बड़े स्तर पर तकनीकी सहयोग और नवाचार का मार्ग प्रशस्त करेगा। साकुरा कॉर्पोरेट सॉल्यूशंस की यह पहल सिर्फ नौकरी दिलाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि दो देशों के बीच एक मजबूत पुल बनाने की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में यह मॉडल हजारों भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक करियर के नए द्वार खोलेगा और यही इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा संदेश है।

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Hill Mail

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