अब उत्तराखंड में पेयजल या सीवर कनेक्शन के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं… एक क्लिक में घर बैठे मिलेगा कनेक्शन, बिना लाइन में लगे, बिना किसी झंझट….
उत्तराखंड सरकार राज्य की पेयजल और सीवर कनेक्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब प्रदेशवासियों को इन सेवाओं के लिए न तो दफ्तरों में लाइन लगानी पड़ेगी और न ही अधिकारियों के चक्कर काटने होंगे। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने के बाद उपभोक्ता घर बैठे ही कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर पाएंगे। हल्द्वानी से मिली जानकारी के अनुसार, पेयजल और सीवर कनेक्शन की यह डिजिटल व्यवस्था जल संस्थान और नगर निगम के संयुक्त सहयोग से बनाई जा रही है। इसके लिए एक नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है, जिसमें आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया को एकीकृत किया जाएगा। उपभोक्ता अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आवेदन कर सकेंगे और रियल-टाइम में अपने आवेदन की स्थिति भी देख पाएंगे।

अभी तक पेयजल और सीवर कनेक्शन के लिए पूरी प्रक्रिया मैनुअल थी। इससे फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग तक पहुंचने में काफी समय लग जाता था। कई बार अधिकारी या कर्मचारी उपलब्ध न होने पर आवेदन लंबित रह जाते थे, जिससे लोगों को कनेक्शन मिलने में महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था इस देरी को पूरी तरह खत्म करेगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आधार कार्ड सहित सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा रहेगी। इसके बाद संबंधित विभाग आवेदन की जांच करेगा और फील्ड वेरिफिकेशन भी डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। इस बदलाव से न केवल समय बचेगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी, क्योंकि पूरी प्रक्रिया डिजिटल रेकॉर्ड में शामिल रहेगी।

सूत्रों के अनुसार, राज्य में करीब 15 लाख पेयजल उपभोक्ताओं को इस डिजिटल व्यवस्था से सीधा लाभ मिलने वाला है। खासकर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि वहां दफ्तरों तक पहुंचना भी कई बार मुश्किल होता है। अब वे घर बैठे ही कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि नया सिस्टम टेस्टिंग फेज में है और जल्द ही इसे राज्यभर में लागू कर दिया जाएगा। जल संस्थान द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्लेटफॉर्म उपयोग में सरल और सभी वर्गों के उपभोक्ताओं के लिए आसान हो। कनेक्शन शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन होगा, जिससे उपभोक्ताओं को बैंक या दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान का हिस्सा भी है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को नागरिकों की पहुंच में और आसान बनाना है। पेयजल और सीवर कनेक्शन को ऑनलाइन करना इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
उत्तराखंड का यह कदम न सिर्फ सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाएगा, बल्कि आम लोगों के समय, मेहनत और पैसे—तीनों की बचत करेगा। जब घर बैठे मूलभूत सेवाएँ मिलेंगी, तभी असल मायने में ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ मजबूत होगी। यह बदलाव प्रदेश में पारदर्शिता और सुविधा का नया अध्याय खोलेगा।


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