कोरोना वायरस से निपटने के लिए देशभर के डॉक्टर और पूरा मेडिकल स्टाफ इन दिनों दिन-रात काम कर रहा है। पीड़ितों के इलाज के साथ ही संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर कोशिशें की जा रही हैं। देश की तीनों सेनाएं भी इस मिशन में बड़ा योगदान कर रही हैं। आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनूप बनर्जी ने बताया कि कोरोना के जब देश में मामले सामने भी नहीं आए थे, उससे पहले जनवरी के महीने में ही सेना ने तैयारी शुरू कर दी थी।
24 जनवरी को जब देश में एक भी पीड़ित सामने नहीं आया था, उसी दिन से सेना के विशेषज्ञ तैयारियों में जुट गए थे। तब से लेकर 27 मार्च तक 1463 संदिग्धों की देखरेख 6 क्वारंटाइन सेंटरों में की गई है। इनके स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधियां, मनोविज्ञान, पोषण सब चीजों में सेना की टीम सफल रही है।
उन्होंने बताया कि अगले चरण के लिए सेना ‘ट्रेन द ट्रेनर’ का अभियान चला रही है। हमारे विशेषज्ञ नेशनल हेल्पलाइन पर डॉक्टरों को जानकारी दे रहे हैं। क्रिटिकल केयर और चेस्ट मामलों के विशेषज्ञ देशभर के डॉक्टरों को वेंटिलेटर या इलाज से संबंधित किसी अन्य जानकारी के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं। हमारे मेडिसिन के विशेषज्ञ हेल्पलाइन पर मौजूद हैं और उनसे होम क्वारंटाइन, आइसोलेशन के बारे में और भी कोई सलाह लोग ले सकते हैं।
मन समर्पित तन समर्पित और यह जीवन समर्पित
चाहता हूँ देश की धरती तुझे कुछ और भी दूँ#HarKaamDeshKeNaam pic.twitter.com/70yCuPI46p— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) March 28, 2020
लेफ्टिनेंट जनरल बनर्जी ने कहा कि सेना के अलावा और कोई संस्थान अगर सलाह-मशविरा लेना चाहते हैं तो उन्हें भी मदद पहुंचाई जा रही है। कुछ लोग आए हैं और उन्होंने बात की है कि अगर मरीजों की संख्या इतनी बढ़ जाए कि अस्पतालों में जगह न रहे तो ऐसे मरीजों को आइसोलेशन में कहां रखा जा सकता है, टीम के साथ इस पर चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि हम राष्ट्रीय स्तर पर लोगों के साथ मिल-जुलकर काम कर रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्क देशों को भी आश्वासन दिया था, उसके तहत हमने मालदीव में एक टीम भेजी और बहुत अच्छा काम किया गया है। दूसरे देश अगर कहेंगे तो सेना मदद के लिए तैयार है।
Serving personnel & family members being sensitised about #COVID19
Be Aware ……To Fight It Effectively#Socialdistancing #handhygiene #decontamination #Quarantine
@adgpi @SpokespersonMoD @MoHFW_INDIA
#SayNo2Panic#SayYes2Precautions#HarKaamDeshKeNaam#MoDAgainstCorona pic.twitter.com/HgGKwOR0Xn— EasternCommand_IA (@easterncomd) March 27, 2020
अस्पतालों की संख्या पर बनर्जी ने कहा कि वेंटिलेटर, मॉनिटर हर अस्पतालों में बढ़ाए गए हैं, डॉक्टरों को भी तैयार रखा गया है। सरकार के निर्देश पर आगे बढ़ने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार है।
सेना में किसी को कोरोना न हो, इसके लिए क्या तैयारी है? इस पर लेफ्टिनेंट जनरल बनर्जी कहते हैं कि सेना की सबसे बड़ी बात होती है अनुशासन और जिस भी जवान या अधिकारी को कोई गाडइलाइन दी जाती है वे उसका पालन करते हैं। एक दर्जन अडवाइजरी जारी की गई हैं। सैनिकों को पोस्टर और वीडियो दिखाए जा रहे हैं। इमर्जेंसी को छोड़कर सैनिकों की छुट्टी रद्द है, स्कूल और दूसरे सेंटर बंद हैं। पार्क में देखा जा रहा है कि लोग भीड़ में न दिखें।
वह कहते हैं कि लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग और हाइजीन ही आवश्यक मूल मंत्र है और इसमें कोई खर्चा नहीं है। दुनिया के अगर उदाहरण देखें तो हमें पता चलता है कि जिस देश ने समय पर लॉकडाउन किया वह जल्दी इससे उबरने की स्थिति में पहुंचता दिख रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने सही समय पर बड़ा फैसला लिया है।
तीनों सेनाओं की तरफ से देशवासियों को संदेश देते हुए बनर्जी ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी बरतें और घर में ही रहें। मीडिया और दूसरे पुष्ट और विश्वस्त स्रोतों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जरूरी है कि लोग इसका पालन करें।


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