जापान के आध्यात्मिक गुरु श्री बालाकुंभ गुरु मुनि का भारत दौरा, हरिद्वार और यमकेश्वर के तल्ला बनास में करेंगे आध्यात्मिक कार्यक्रम

जापान के आध्यात्मिक गुरु श्री बालाकुंभ गुरु मुनि का भारत दौरा, हरिद्वार और यमकेश्वर के तल्ला बनास में करेंगे आध्यात्मिक कार्यक्रम

जापान के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु श्री बालाकुंभ गुरु मुनि (जापानी नाम: ताकायुकी होशी) भारत के आधिकारिक दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा भारत और जापान के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

अपने प्रवास के दौरान वह सबसे पहले धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचेंगे, जहां मां गंगा के पावन तट पर आयोजित विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल होकर देश और दुनिया की सुख-समृद्धि, शांति एवं मानव कल्याण की कामना करेंगे।

हरिद्वार प्रवास के बाद गुरु मुनि ताकायुकी होशी पौड़ी गढ़वाल जनपद के यमकेश्वर विकासखंड स्थित तल्ला बनास का दौरा करेंगे। यहां स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में वे विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं हवन में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के साथ आध्यात्मिक संवाद भी करेंगे। संवाद के दौरान भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा तथा मानव जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व पर विचार साझा किए जाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालु भी शामिल होंगे।

भारत प्रवास के दौरान गुरु मुनि ताकायुकी होशी केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी देंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना है।

तल्ला बनास में आयोजित कार्यक्रम के उपरांत वह हरिद्वार स्थित निरंजनी अखाड़ा पहुंचेंगे। गुरु मुनि ताकायुकी होशी निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर भी हैं। यहां वे संतों, महात्माओं एवं विभिन्न आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात करेंगे तथा सनातन धर्म के वैश्विक प्रचार-प्रसार और समकालीन आध्यात्मिक विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे और वहां से जापान लौटेंगे।

जानकारों का कहना है कि जापान में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, योग, ध्यान और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। भारत को लंबे समय से विश्व की आध्यात्मिक राजधानी और ‘विश्वगुरु’ के रूप में देखा जाता रहा है। ऐसे में जापान के नागरिकों और आध्यात्मिक संस्थाओं का भारत के प्रति बढ़ता रुझान दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।

श्री बालाकुंभ गुरु मुनि ताकायुकी होशी लंबे समय से सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा भारत-जापान के आध्यात्मिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सक्रिय हैं। उनका यह भारत दौरा केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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