भारत–उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास DUSTLIK 2026 का 7वां संस्करण वर्तमान में 12 से 25 अप्रैल 2026 तक उज़्बेकिस्तान के नामंगन स्थित गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग एरिया में आयोजित किया जा रहा है। यह द्विपक्षीय अभ्यास दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने और आपसी विश्वास को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रहा है।
भारत–उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अर्ध-पहाड़ी क्षेत्र में पारस्परिक संचालन क्षमता और संयुक्त कार्यकुशलता को बढ़ाना है। संयुक्त योजना और क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए, यह अभ्यास सैनिकों को आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों, विशेष रूप से अवैध सशस्त्र समूहों के खिलाफ अभियानों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसमें सामरिक दक्षता को निखारने, विशेष हथियार कौशल विकसित करने और जटिल परिचालन परिस्थितियों में समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रारंभिक चरणों के दौरान, दोनों देशों के सैनिकों ने क्षेत्र की व्यापक जानकारी हासिल की और रणनीतियों, तकनीकों तथा प्रक्रियाओं का सक्रिय रूप से आदान-प्रदान किया। विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों में दोनों हाथों से पिस्तौल फायरिंग, रिफ्लेक्स शूटिंग, RPG फायरिंग, निहत्था मुकाबला और बेयोनेट लड़ाई शामिल रही हैं। आधुनिक तकनीकों जैसे UAV के उपयोग को भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया है, जिससे आधुनिक युद्ध में निगरानी और स्थितिजन्य जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया गया।
शहरी युद्ध से संबंधित अभ्यास, जैसे ‘फायर एंड मूव’ रणनीति और हाउस इंटरवेंशन ऑपरेशन, का गहन अभ्यास किया गया। इसके अतिरिक्त, सैनिकों ने कॉम्बैट कैजुअल्टी इवैक्यूएशन, टोही और निगरानी मिशन, स्नाइपर ऑपरेशन तथा नेविगेशन अभ्यास भी किए। पर्वतारोहण और रैपलिंग जैसे विशेष कौशलों ने कठिन भूभाग में प्रभावी ढंग से कार्य करने की उनकी क्षमता को और सुदृढ़ किया है।
सामरिक प्रशिक्षण के अलावा, इस अभ्यास में शारीरिक सहनशक्ति और टीम भावना पर भी विशेष जोर दिया गया है। लंबी दौड़, कैलिस्थेनिक्स, योग सत्र और अन्य आत्मविश्वास बढ़ाने वाली गतिविधियों ने प्रतिभागी सैनिकों के मनोबल और लचीलापन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जैसे-जैसे अभ्यास आगे बढ़ रहा है, यह अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में और अधिक जटिल संयुक्त अभियानों के चरण में प्रवेश करेगा। इसमें काल्पनिक शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों के खिलाफ स्ट्राइक ऑपरेशन, निर्धारित उद्देश्यों पर कब्जा, हेलिबोर्न ऑपरेशन, संयुक्त कमांड और कंट्रोल संरचना की स्थापना तथा एकीकृत विशेष अभियानों की प्रक्रियाओं का सत्यापन शामिल होगा।
एक्सरसाइज DUSTLIK 2026 भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। समन्वय, पारस्परिक संचालन क्षमता और साझा परिचालन समझ को मजबूत करते हुए, यह अभ्यास न केवल सैन्य तैयारी को बढ़ाता है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।











