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पहाड़ की संस्कृति बचाने में कलश का महत्वपूर्ण योगदान: संतोष

कलश लोक संस्कृति चैरिटेबिल ट्रस्ट की ओर से रुद्रप्रयाग के आधुनिक निर्माता 108 स्वामी सच्चिदानंद स्मृति समारोह एवं ज्योतिर्विद पण्डित भाष्करानन्द बेंजवाल स्मृति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों के साथ ही दिवंगत विभूतियों को सम्मानित किया गया।

नगर पालिका सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि कलश द्वारा पहाड़ की संस्कृति और लोक कला के क्षेत्र में अनुकर्णीय कार्य किया जा रहा है। कलश के संयोजक ओमप्रकाश सेमवाल ने कार्यक्रम की सम्पूर्ण रूपरेखा रखी। जबकि सरस्वती विद्या मंदिर बेलनी के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।

अलीशा सेमवाल ने मांगल, सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं ने स्वागत गान, चांदनी जगवाण ने स्वामी जी का जीवन परिचय बताया। प्रसिद्ध गढ़वाली कवि मुरली दीवान ने मुर्गा छाप पटका की शानदार प्रस्तुति दी। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बेलनी की छात्राओं ने लोक संस्कृति परक गीत प्रस्तुत किया।

नई पीढ़ी के होनहार तीन सदस्यों को भी कलश ने सम्मानित किया, जिसमें चन्द्र दीप्ति पत्रिका के सम्पादक विनोद भट्ट, समाज सेवी शैलेंद्र गोस्वामी एवं युवा चित्रकार संगीता किमोठी शामिल थे। इधर, रुद्रप्रयाग नगर में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वामी सच्चिदानंद का सहयोग करने वालों को ज्योतिर्विद पंडित भाष्करानन्द बेंजवाल स्मृति सम्मान 2025 से नवाजा गया।

दिवंगत विभूतियों में स्वर्गीय माया राम पुरोहित, विश्वेश्वर दत्त नौटियाल, हरिकृष्ण चौकियाल, नारायण दत्त गैरोला वैद्य, रामेश्वर दत्त खण्डूड़ी, लीला नन्द नौटियाल, आचार्य देवानन्द बहुगुणा एवं ज्योतिर्विद पण्डित उत्तम राम बेंजवाल शामिल हैं। इस मौके पर जैक्सवीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी के प्रबंधक लखपत सिंह राणा, चन्द्र शेखर बेंजवाल, मुरली दीवान, सभासद नमन शर्मा, माहेश्वर प्रसाद पुरोहित, शंकर सिंह बर्त्वाल, सूरजपाल सिंह गुसाईं, सामाजिक कार्यकर्ता जसपाल भारती, शरद सिंह चौधरी, अरुण बेंजवाल, अनीता बहुगुणा, सूरजपाल सिंह गुसाईं, किशन सिंह रावत, चन्द्र शेखर चौधरी, मनोज, शशि बल्लभ चौकियाल सहित कई लोग मौजूद थे।

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