हिमाचल प्रदेश सरकार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। 1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कमलेश कुमार पंत को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाया गया है। राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
उत्तराखंड की जड़ों से निकले अनुभवी प्रशासक, जिन्होंने हिमाचल प्रशासन में बनाई अलग पहचान
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी कमलेश कुमार पंत देश के उन चुनिंदा नौकरशाहों में गिने जाते हैं, जिन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक अनुभव के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है। 1993 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के अधिकारी कमलेश कुमार पंत अपनी प्रशासनिक क्षमता, शांत कार्यशैली और नीति-निर्माण में गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं।
मूल रूप से उत्तराखंड से संबंध रखने वाले कमलेश कुमार पंत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा का मार्ग चुना। वर्ष 1993 में IAS में चयनित होने के बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर आवंटित किया गया। अपने शुरुआती प्रशासनिक वर्षों में उन्होंने विभिन्न जिलों और विभागों में कार्य करते हुए जमीनी प्रशासन का व्यापक अनुभव हासिल किया।
अपने लंबे करियर में उन्होंने राजस्व, वन, गृह, सतर्कता और वित्तीय प्रशासन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालीं। प्रशासनिक दक्षता और अनुभव के कारण वे हिमाचल प्रदेश सरकार के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे। अगस्त 2024 में उन्हें अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) नियुक्त किया गया और साथ ही वित्तीय आयुक्त (अपील) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।
कमलेश कुमार पंत को राज्य प्रशासन में नीति-निर्माण और संवेदनशील मामलों के प्रबंधन में विशेष दक्षता रखने वाले अधिकारी के रूप में देखा जाता है। वरिष्ठता और अनुभव के कारण वे कई बार राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पदों के प्रमुख दावेदारों में भी शामिल रहे। वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक फेरबदल के दौरान भी उनका नाम राज्य के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में लिया गया।
करीब 33 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र स्तर पर विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उपलब्ध सार्वजनिक अभिलेखों के अनुसार उनका कार्यकाल अनेक विभागों और प्रशासनिक क्षेत्रों में फैला रहा है, जिससे उन्हें शासन व्यवस्था की व्यापक समझ प्राप्त हुई।
कमलेश कुमार पंत उन अधिकारियों में माने जाते हैं जिन्होंने प्रचार से दूर रहकर प्रशासनिक कार्यों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। उत्तराखंड की पृष्ठभूमि से निकलकर हिमाचल प्रदेश प्रशासन के शीर्ष स्तर तक पहुंचने का उनका सफर युवा सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक है।
आज भी वे प्रशासनिक अनुभव, नीति-निर्माण क्षमता और सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण नौकरशाही में सम्मानजनक स्थान रखते हैं।









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