हिमालय की गोद में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम की भव्य तस्वीर सामने आई है। बर्फ की सफेद चादर में लिपटी केदारपुरी की छटा देखते ही बन रही है। आसपास के मकान हों या भगवान का मंदिर, सब बर्फ से आच्छादित है। आसपास बनी इमारतों पर बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है। केदारनाथ में इस बार काफी बर्फबारी हुई है।
देशभर में इस समय लॉकडाउन चल रहा है पर केदारपुरी को आगामी यात्रा सीजन के लिए तैयार करने का काम जोरशोर से जारी है। यहां लोक निर्माण विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी डीडीएमए की देखरेख में वुड स्टोन कंपनी बर्फ हटाने का काम कर रही है। तय तिथि के अनुसार 2020 के चारधाम यात्रा सीजन के दौरान बाबा केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खुलने हैं। यही वजह है कि यहां तेजी से मार्ग खोलने का काम किया जा रहा है। फिलहाल 32 लोगों की पहली टीम केदारनाथ पहुंच गई है। यह टीम यहां कैंप स्थापित करेगी और यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देगी। आने वाले समय में टीम के दूसरे सदस्य भी केदारनाथ पहुंच जाएंगे।
देश में फैले कोरोना के संक्रमण के बीच बर्फ हटाने का काम कर रही टीमें पूरी सावधानी बरत रही हैं। काम के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वुडस्टोन कंपनी के प्रभारी मनोज सेमवाल के मुताबिक, यहां काम कर रहे लोगों का पूरा मेडिकल कराया गया है। साथ ही समय-समय पर जिला प्रशासन की टीमें भी उनका परीक्षण कर रही हैं।
केदारपुरी में इस बार काफी देर तक बर्फबारी हुई, जिसके कारण केदारनाथ का रास्ता अभी तक नहीं खुल पाया है। हालांकि मनोज सेमवाल के मुताबिक, अगर आने वाले दिनो में मौसम साफ रहा तो 15 अप्रैल तक केदारनाथ का रास्ता पूरी तरह खोल दिया जाएगा। इसके लिए टीमें जोरशोर से जुटी हैं।
उन्होंने बताया कि केदारनाथ के मार्ग में कई जगह पर 10 से 15 फीट बर्फ की मोटी परत है। मजदूरों को इस परत को काटकर रास्ता तैयार करना है।
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It is really commendable. Woodstone Constructions is doing a marvellous job and is helping the government open the yatra route before the opening of portals of Kedarnath. Now it is upto the government how do they manage the yatra in the wake of the deadly Corona Virus. I would suggest the government to bigin the yatra on the scheduled date but take care of the transmission of the virus.