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केदारताल ट्रेक हादसा: रेस्क्यू टीम को मिले दो पर्वतारोहियों के शव, छह अब भी लापता

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रेक पर हुए हिमस्खलन के बाद लापता पर्वतारोहियों की तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। सर्च ऑपरेशन के दौरान एक महिला और एक पुरुष पर्वतारोही के शव बरामद किए गए हैं। हालांकि, हादसे के बाद से लापता छह अन्य लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच बचाव अभियान लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

 

जानकारी के अनुसार, मंगलवार 3 नवंबर को सुबह करीब 7:30 बजे केदारताल क्षेत्र में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अभियान में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें शामिल रहीं। कई घंटों तक चले तलाशी अभियान के दौरान टीम को दो पर्वतारोहियों के शव मिले। इनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। हालांकि, देर शाम तक दोनों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई थी।

दोपहर करीब तीन बजे तक अभियान चलाने के बाद रेस्क्यू टीम वापस बेस कैंप लौट आई। शेष छह लापता लोगों की तलाश के लिए बुधवार 4 नवंबर को दोबारा अभियान शुरू किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, मौसम और पर्वतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।

ये आठ लोग हैं लापता

केदारताल ट्रेक पर लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के पांच पर्वतारोही तपस बाउरी (30), रतन घोष (23), मनोज खोवास (39), रिंटू मंडल (40) और उदय घोष (30) शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर्स वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) तथा उत्तरकाशी के स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा (25) भी लापता बताए गए थे। अब दो शव मिलने के बाद छह लोगों की तलाश जारी है। बरामद शव किन लापता लोगों के हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

4005 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जा रहा वैकल्पिक हेलीपैड

रेस्क्यू अभियान को तेज करने के लिए घटनास्थल के नजदीक वैकल्पिक हेलीपैड तैयार करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए समुद्र तल से करीब 4005 मीटर की ऊंचाई पर स्थान चिह्नित किया गया है। यहां हेलीकॉप्टर उतारने की व्यवस्था होने से बचाव दल और जरूरी उपकरणों को घटनास्थल के नजदीक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे दुर्गम क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन का समय कम होने की उम्मीद है।

27 अक्टूबर को रवाना हुआ था 13 सदस्यीय दल

जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। दल में शामिल एक कुक अगले दिन ही गंगोत्री लौट आया था। बाकी सदस्यों को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन खराब मौसम और हिमस्खलन के कारण वे रास्ते में फंस गए।

इसके बाद 30 अक्टूबर को सर्च एंड रेस्क्यू टीम ने अभियान शुरू किया। शुरुआती कार्रवाई में चार हजार मीटर की ऊंचाई पर फंसे तीन पोर्टर और एक कुक को सुरक्षित निकालकर बेस कैंप पहुंचाया गया था। वहीं सात ट्रेकर्स और एक गाइड की तलाश जारी थी।

मंगलवार को दो शव बरामद होने के बाद हादसे की गंभीरता और बढ़ गई है। अब प्रशासन और बचाव एजेंसियों की प्राथमिकता शेष छह लापता लोगों का पता लगाना है। बुधवार का सर्च ऑपरेशन इस अभियान के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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Hill Mail

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